Bhagalpur News.शिक्षा ही वह रोशनी है जिससे तमाम अंधेरों को दूर किया जा सकता है: सैयद हसन

पीर दमड़िया में शैक्षिक कान्फ्रेंस का आयोजन.

– भागलपुर में शाहीन के तर्ज पर प्लस-टू आवासीय विद्यालय खुलेगा – अब्दुल कादिर-खानकाह पीर दमड़िया शाह खलीफाबाग में शैक्षिक सम्मेलन का आयोजन

खानकाह पीर दमड़िया शाह खलीफाबाग के बैनर तले शैक्षिक सम्मेलन गुरुवार को हुआ. मौके पर खानकाह के सज्जादानशीन सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि शिक्षा ही वह रोशनी है जिससे तमाम अंधेरों को दूर किया जा सकता है. सम्मेलन के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि भागलपुर की धरती पर ऐसे संस्थान की स्थापना करना है, जो समाज के अंधकार को दूर कर सके. शिक्षा के माध्यम से भटकाव, अज्ञानता व पिछड़ेपन के अंधेरे में घायल मानवता के जख्मों पर मरहम लगाने का काम करेगा. वहीं, सैयद शाह अली सज्जाद ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने की कोई आयु नहीं होती. इसलिए हमेशा सीखने का प्रयास करते रहना चाहिए.

बच्चों में शिक्षा के साथ संस्कार की जरूरत

शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ अब्दुल कादिर ने कहा कि बच्चों को आईएएस, डॉक्टर या इंजीनियर बना देना ही पर्याप्त नहीं है. उनमें समुचित संस्कार न हो तो सब व्यर्थ है. वही कौम तरक्की कर सकता है जो अपनी नस्ल और तहजीब की हिफाजत करता है.उन्होंने कहा कि बिहार के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए कर्नाटक का रुख करते हैं. लेकिन उन्हें वहां जाने की जरूरत नहीं होगी. क्योंकि शाहीन जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यवस्था अब भागलपुर में खानकाह पीर दमड़िया शाह की ओर से गोराडीह प्रखंड के कोराडिह में की जा रही है. शिक्षा के क्षेत्र में भागलपुर वैश्विक केंद्र बनेगा.

मदरसा में सामान्य शिक्षा की करें व्यवस्था

डॉ अब्दुल कादिर ने मदरसों के जिम्मेदारों व सचिवों से अपील की कि हाफिज और आलिम तैयार करने के साथ-साथ जो बच्चे औपचारिक शिक्षा से दूर हैं. उनके लिए भी सामान्य शिक्षा की व्यवस्था करें. मस्जिदों के आसपास बेरोजगारी और भूखमरी खत्म करने के लिए कदम उठाये जायें. उन्हें भिक्षुक मुक्त क्षेत्र बनाने का प्रयास किया जाये. मस्जिदों की ओर से मेडिकल कैंप लगाये जायें. जिसका सभी समुदाय के लोग लाभ उठा सके.

शैक्षिक स्तर पर लगेगा चार चांद – अध्यक्ष

राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष इरशादुल्लाह ने कहा कि खानकाह पीर दमड़िया शाह का कदम ऐतिहासिक है. खानकाह पहले से धार्मिक, सुधारात्मक व शैक्षिक क्षेत्र में सक्रिय रहा है. आवासीय विद्यालय की स्थापना से भागलपुर के शैक्षिक स्तर में चार चांद लगेगा.

ये थे मौजूद

हाजी आफताब आलम, डॉ देव ज्योति मुखर्जी, प्रकाश चंद्र गुप्ता, यास्मीन बानो, फारूक रजा, ऐनुल हुदा, डॉ गुलाम सरवर अशरफी, मौलाना मासूम रजा सिद्दीकी, इस्लाम शाही, डॉ मजहर अख्तर शकील, शबाना दाऊद, डॉ रूमी आदि मौजूद थे.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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