एनएच निर्माण कार्य रुके रहने से शहर के कई हिस्सों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गयी हैं. सड़क के बीचोंबीच कई स्थानों पर पेयजलापूर्ति पाइपलाइन फट चुकी है, जिससे लगातार पानी का रिसाव हो रहा है. कीचड़, गड्ढों और जल जमाव से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किस दबाव में स्थानीय प्रशासन डीएम के आदेश के बावजूद मौन साधे है. शहर से गुजरने वाले एनएच पर सबसे बड़े अतिक्रमणकारियों में नगर पंचायत और शारदा पाठशाला का नाम सामने आ रहा है. दोनों संस्थाओं के अतिक्रमण को देख कर स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. इनके भवनों के सामने 10 मीटर चौड़ी सड़क बनाने लायक जगह उपलब्ध नहीं है. नाला और पेयजलापूर्ति लाइन के लिए स्थान ही नहीं है. शहर की पेयजलापूर्ति लाइन सड़क से लगभग सात फीट नीचे बिछी है. सड़क की पूर्व में बढ़ाई गई चौड़ाई से पाइप लगभग उसी स्थान पर आ गया है, जहां से वाहनों के पहिए गुजरते हैं. इस वजह से बार-बार पाइपलाइन लीक होती है और पूरे शहर को जलापूर्ति संकट का सामना करना पड़ता है. अब एनएच का निर्माण आरसीसी से किया जा रहा है. एक बार डेढ़ फीट मोटी कंक्रीट की परत बिछने के बाद पाइप की मरम्मत असंभव हो जाएगी.
शहर के दो प्रमुख चौराहों की स्थिति भी अतिक्रमण से बदतर बनी हुई है. स्टेशन चौक पर रेलवे स्टेशन का रास्ता होने से जाम की समस्या आम है, जिससे ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों में आक्रोश देखने को मिलता है. दूसरा पार्क चौक एनटीपीसी जाने वाला मुख्य मार्ग है, जहां भारी और लंबे वाहनों के मुड़ते ही चारों ओर जाम लग जाता है. यदि सड़क निर्माण के दौरान इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कहलगांव शहर हमेशा जाम की चपेट में रहेगा. डीसीएलआर सरफराज नवाज ने बताया कि वह आवश्यक कार्यों में व्यस्त थे. उन्होंने कहा कि मंगलवार को देखते हैं. प्रशासन के इस रवैये से लोगों में नाराजगी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
