Champapur Chaturmas: भागलपुर. नाथनगर स्थित श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र में चातुर्मास के अवसर पर बुधवार को विशेष पूजन एवं अभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया. श्रद्धालुओं ने पद्मासन मुद्रा में विराजमान भगवान वासुपूज्य की मूंगा रंग की प्रतिमा का स्वर्ण एवं रजत कलश से अभिषेक कर मंगलकामना की. चातुर्मास के दौरान यहां धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला 8 नवंबर तक जारी रहेगा.
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
सिद्धक्षेत्र के मंत्री सुनील जैन ने बताया कि चातुर्मास अवधि में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजनशाला, पूजा सामग्री तथा अष्ट मंगल द्रव्य की पर्याप्त व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं के स्वागत और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.
धर्मचर्चा और भक्ति कार्यक्रम होंगे आयोजित
चातुर्मास के दौरान श्री दिगंबर जैन मंदिर, भागलपुर में विराजमान पूज्य आर्यिका पुराणमती एवं श्री दिव्यमती माताजी के सान्निध्य का लाभ श्रद्धालुओं को मिलेगा. इस अवधि में धर्मचर्चा, भक्ति संध्या, विशेष विधान, सामूहिक आरती, मंत्र आराधना और शांतिधारा जैसे धार्मिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जायेंगे.
चातुर्मास को बताया आत्मिक साधना का पर्व
सिद्धक्षेत्र मंत्री सुनील जैन ने कहा कि चातुर्मास जीवन परिवर्तन और आत्मिक साधना का महत्वपूर्ण अवसर है. वहीं महाराष्ट्र के कोल्हापुर से आए पंडित रत्नेश ने कहा कि समय का सदुपयोग ही व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाता है. उन्होंने गुणीजनों के प्रति विनम्रता और सदाचार अपनाने का संदेश दिया.
आहार-शुद्धि और तप का विशेष महत्व
Champapur Chaturmas: जैन धर्म में चातुर्मास को संयम, तप, साधना और आत्मशुद्धि का विशेष काल माना जाता है. इस दौरान सात्विक भोजन, अल्पाहार, व्रत-उपवास और धार्मिक अनुष्ठानों का पालन किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य की दृष्टि से भी शुद्ध भोजन और संयमित दिनचर्या को लाभकारी बताया गया है.
