फिजिक्स के शिक्षक का तबादला स्थगित करने की मांग

टीएनबी कॉलेज के फिजिक्स विभाग के शिक्षक डॉ पंकज कुमार के स्थानांतरण को स्थगित करने की मांग विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा किया जा रहा है.

टीएमबीयू के पीजी हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ दिव्यानंद देव की वापसी की मांग को लेकर छात्रों का अनशन कार्यक्रम अभी चल ही रहा था. अब एक और मामला शिक्षक की वापसी को लेकर उठने लगा है. टीएनबी कॉलेज के फिजिक्स विभाग के शिक्षक डॉ पंकज कुमार के स्थानांतरण को स्थगित करने की मांग विभाग के छात्र-छात्राओं द्वारा किया जा रहा है. इस बाबत छात्रों ने विवि में आवेदन देकर शिक्षक का तबादला स्थगित करने के लिए कुलपति से लिखित अनुरोध किया है. दरअसल, डॉ पंकज कुमार मूल रूप से जेपी कॉलेज नारायणपुर में कार्यरत है. लंबे समय से टीएनबी कॉलेज में प्रतिनियुक्ति थे. अब विवि से डॉ पंकज का तबादला मुरारका कॉलेज में कर दिया गया है. हालांकि कॉलेज के शिक्षक भी दबे जुबान में डॉ पंकज के पठन-पाठन से प्रभावित है. उन शिक्षकों ने भी डॉ पंकज को फिजिक्स विषय के लिए बढ़िया शिक्षक बताते हैं. छात्रों ने कहा, उनके जैसा फिजिक्स में कोई नहीं पढ़ाई सकता – टीएनबी कॉलेज के पीजी फिजिक्स विभाग के विद्यार्थी जितेंद्र कुमार, निकिता कुमारी, श्रुति पराशर, मुस्कान कुमारी, कृति पराशर, गौतम कुमार, विनय कुमार, ऋषिकांत मुरारी, सुधीर कुमार, रंजीत कुमार, मनीष कुमार व बीएससी पार्ट थ्री के छात्र अंकित कुमार, अनिल कुमार सहित करीब सौ छात्र-छात्राओं ने कुलपति को दिये आवेदन में कहा कि फिजिक्स उनके जैसा कोई नहीं पढ़ाई करा सकते हैं. डॉ पंकज कुमार का तबादला विभाग के विद्यार्थियों के लिए दुखद : प्रतीत होता है. क्योंकि यहां के विद्यार्थी के फिजिक्स में उज्जवल भविष्य का निर्माण में उनका योगदान बहुत महत्वपूर्ण है. छात्रों ने कहा कि विभाग से उनका जाना सभी विद्यार्थियों के लिए फिजिक्स का एक महत्वपूर्ण स्तंभ खोने जैसा है. छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तबादला स्थगित किया जाये – छात्र-छात्राओं ने कुलपति किये अनुरोध में कहा कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनका तबादला स्थगित का दिया जायेे. पुन: टीएनबी कॉलेज में पदस्थापित करने की कृपा की जाये. ताकि विद्यार्थियों का सुनहरा भविष्य के लिए डॉ पंकज का मार्गदर्शन मिलता रहे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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