Bhagalpur News. जुमातुल विदा पर मस्जिदों में उमड़ी नमाजियों की भीड़, अमन-ओ-सुकून के लिए मांगी दुआ
माहे रमजान के चौथे जुमे पर उमड़ी नमाजियों की भीड़.
By KALI KINKER MISHRA | Updated at :
-रमजान के आखिरी जुमे पर अकीदत के साथ अदा की गई नमाज, इमामों ने मोहब्बत व इंसानियत का दिया संदेश
रमजानुल मुबारक के आखिरी जुमे जुमातुल विदा के मौके पर शहर की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी. फरजंदान-ए-तौहीद ने पूरे जोश और अकीदत के साथ जुमातुल विदा की, नमाज अदा की और अल्लाह तआला से दुनिया में अमन-ओ-सुकून, भाईचारे और सलामती के लिए खास दुआएं मांगी.
नमाज के बाद इमामों और उलमा-ए-कराम ने लोगों को आपसी मोहब्बत, इंसानियत और भलाई के रास्ते पर चलने की नसीहत दी. जुमातुल विदा रमजान का आखिरी जुमा होता है, जिसे मुसलमानों के लिए बहुत अहम और बरकत वाला माना जाता है. इस दिन बड़ी तादाद में लोग मस्जिदों में इकट्ठा होकर इबादत करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी व बेहतर भविष्य की दुआ करते हैं.
ईद से पहले फितरा देने की दी गयी नसीहत
इस मौके पर खानकाह पीर दमड़िया के सज्जादानशीन शाह फखरे आलम हसन ने लोगों को ईद-उल-फितर से पहले सदका-ए-फित्र यानी फितरा अदा करने की भी नसीहत दी. उन्होंने बताया कि रमजान के रोजों को मुकम्मल करने और गरीबों की मदद के लिए फितरा देना जरूरी माना गया है. फितरा हर मुसलमान मर्द, औरत और बच्चे की तरफ से दिया जाता है. जो व्यक्ति सुखी-संपन्न हैं, उसके लिए यह जरूरी है कि वह अपने परिवार की ओर से भी फितरा अदा करे. फितरा ईद की नमाज से पहले देना सबसे बेहतर माना गया है, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोग भी ईद की खुशी में शामिल हो सकें. फितरा गरीब, मिस्कीन और जरूरतमंद लोगों को दिया जाता है, ताकि वे भी खुशी से ईद मना सकें.