विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा में गिरने से पुल पर आवागमन ठप है. प्रशासन के रोक से वैकल्पिक मार्ग कहलगांव, तीनटंगा फेरी घाट पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है. सोमवार सुबह से ही सैकड़ों बाइक सवार, छोटे व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और आम यात्री गंगा पार करने के लिए कहलगांव घाट पहुंचने लगे. नवगछिया, बिहपुर, गोपालपुर और आसपास के क्षेत्रों में जरूरी काम से जाने वाले लोगों की मजबूरी अब नाव और स्टीमर पर आ टिकी है. ऐसे में घाट पर घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को नाव में जगह नहीं मिल रही है. कहलगांव से तीनटंगा होकर गंगा पार जाना सबसे नजदीक व सुलभ विकल्प बचा है, लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले नावों की संख्या काफी कम है. वर्तमान में आधा दर्जन बड़ी नावों व एक स्टीमर से फेरी सेवा संचालित है, जो अचानक बढ़े दबाव के सामने नाकाफी है. घाट परिसर में टिकट काउंटर से लेकर नाव पर चढ़ने-उतरने तक अफरा-तफरी का माहौल रहा. कई यात्री बच्चों और महिलाओं के साथ घंटों धूप में खड़े रहे. लोगों का कहना है कि पुल बंद होने से प्रशासन को पहले से अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करनी चाहिए थी. अचानक भीड़ बढ़ने से पूरी व्यवस्था चरमरा गयी है. भीड़ नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मियों की तैनाती की गयी है. तीनटंगा फेरी घाट के संचालक गौरी शंकर सिंह उर्फ कन्हाई मंडल ने बताया कि इस तरह की भीड़ सामान्य दिनों में कभी नहीं होती. इतनी भीड़ विशेष अवसरों जैसे बिशु पर्व पर श्रद्धालुओं के जल चढ़ाने के दौरान देखने को मिलती थी. फिलहाल यात्रियों को राहत देने के लिए अतिरिक्त स्टीमर कोलकाता से मंगाया जा रहा है. जैसे ही वह पहुंचता है, फेरी सेवा और तेज की जायेगी.
Bhagalpur news कहलगांव तीनटंगा फेरी घाट पर भीड़ से अफरातफरी
विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा में गिरने से पुल पर आवागमन ठप है.

Bhagalpur news कहलगांव तीनटंगा फेरी घाट पर भीड़ से अफरातफरी