भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट :
विक्रमशिला गंगा सेतु हादसा के बाद दोनों ओर से छोटी-बड़ी गाड़ियों की आवाजाही 50 फीसदी से अधिक घट गयी. इससे पेट्रोल पंपों का रोजाना डेढ़ करोड़ से अधिक का कारोबार घट गया. जगदीशपुर स्थित पेट्रोल पंप के संचालक प्रवीण तिवारी ने बताया कि नवगछिया व आसपास और भागलपुर से लेकर ढाका मोड़ तक लगभग 25 से अधिक पेट्रोल पंप है, जिसे विक्रमशिला सेतु हादसा के बाद लगातार 50 फीसदी गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गयी है. चाहे जीरो माइल चौक हो, बाइपास रोड हो, जगदीशपुर, रजौन और इससे आगे तक गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित है. अब लोकल क्षेत्र में चलने वाली गाड़ियों से ही पेट्रोप पंप का कारोबार टिका हुआ है. वहीं मोजाहिदपुर पेट्रोप पंप संचालक गोविंद अग्रवाल ने बताया कि पुल के कारण आंशिक असर पड़ा है. दरअसल शहर में लोगों का आना-जाना घट गया. इसका असर पड़ा है. सवारी वाहन भी आते थे, तो पेट्रोल व डीजल लेते थे. 10 फीसदी तक कारोबार प्रभावित हुआ है. दूसरे पेट्रोल पंप संचालक मो माहताब आलम ने बताया कि शहरी क्षेत्र को छोडकर साइड वाले पेट्रोप का 50 फीसदी से अधिक कारोबार प्रभावित हो गया है. गंगा सेतु से सटे पेट्रोप पंप का तो नगण्य हो गया है. गंगा सेतु क्षति होने के बाद गाड़ियों का आवागमन बाधित है. एक-एक पेट्रोप पंप पर 300 से 400 बड़ी गाड़ियां ईंधन लेने के लिए पहुंचते थे, अभी 150 से 200 गाड़ियां भी नहीं पहुंच रही है.मुख्य बाजार व पटल बाबू रोड नही कम दिख रहे केला विक्रेता
मुख्य बाजार व पटल बाबू रोड, लोहिया पुल से केला विक्रेताओं की संख्या 60 फीसदी घट गयी. केला विक्रेताओं ने बताया कि निजी नाव पर प्रति साइकिल 150 रुपये तक देना पड़ता है.
