Bhagalpur news सरकारी जमीन पर बने मकान पर चला बुल्डोजर

सरकारी जमीन पर घर बना कर रह रहे लोगों के घर पर सोमवार को बुल्डोजर चला. सीओ के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में कुल 14 घरों को गिरा दिया गया.

जगदीशपुर पुरैनी दक्षिणी में पंचायत सरकार भवन के लिए चिह्नित सरकारी जमीन पर घर बना कर रह रहे लोगों के घर पर सोमवार को बुल्डोजर चला. सीओ के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में कुल 14 घरों को गिरा दिया गया. सरकारी जमीन को खाली करने के लिए बार-बार प्रशासन की ओर से चेतावनी दी जा रही थी. सोमवार को प्रशासन का बुल्डोलर चल गया. अतिक्रमण हटाने का अभियान दोपहर से शाम तक चला. अतिक्रमण हटाने के दौरान पर्याप्त संख्या में रैफ के महिला-पुरुष जवानों की तैनाती थी. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हल्के फुल्के विरोध के साथ शुरू हो गयी. लोगों का कहना था कि उन्हें घर से सामान हटाने के लिए दो दिनों की मोहलत दी जाए. लोगों का कहना था कि दो दिन बाद शब-ए-बरात का त्योहार है. घर टूटने से त्योहार कैसे मनेगा. सीओ का कहना था कि आपलोगों को पहले ही काफी मोहलत मिल चुकी है. उन्होंने सभी को अविलंब घर से सामान निकालने का निर्देश दे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की. बुल्डोजर से एक-एक कर ईंट व मिट्टी से बने झोपड़ीनुमा घर को गिराया गया. चार-पांच घरों को छोड़ पंचायत सरकार भवन लायक जमीन मुक्त होने के बाद प्रशासनिक अमला लौटने ही वाला था कि उन लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसका घर बुल्डोजर से गिराया जा चुका था. उन लोगों ने कहा कि जब हमलोगों का घर गिराया गया, तो सभी का घर टूटना चाहिए. लोगों के विरोध को देखते हुए बचे सभी घरों को गिरा दिया गया. घर गिराने के बाद विस्थापितों ने ठंड में होने वाली परेशानी से अवगत कराया, तो सीओ ने तत्काल पाॅलीथिन उपलब्ध कराया. सीओ नागेन्द्र कुमार ने बताया कि कुल 14 लोगों ने उक्त जमीन पर झोपड़ी व घर बना लिया था. काफी समय से सरकारी जमीन मुक्त करने को कहा जा रहा था. नोटिस भी जारी की गयी थी. नहीं खाली करने की स्थिति में सदर अनुमंडलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासनिक बल के सहयोग से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया. जिन लोगों के घर गिराया गया हैं उनलोगों के लिए अलग स्थान पर रहने की जमीन खरीदी हुई है. प्रशासनिक स्तर से उनलोगों को आवास योजना का लाभ दिलाया जायेगा. बीडीओ रघुनंदन आनंद ने बताया कि उक्त जमीन पुरैनी दक्षिणी पंचायत के पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए प्रस्तावित है. पंचायत सरकार भवन के लिए सारी कागजी कार्रवाई व टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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