भीषण गर्मी में गंगा घाट पर पेयजल के लिए बोतल बंद पानी ही सहारा

अजगैवीनगरी में गंगा घाट पर पेयजल को लेकर बोतल बंद पानी ही सहारा है. श्रद्धालु को अगर प्यास लग जाय, तो गंगा का पानी ही पीने की मजबूरी होती है.

सुलतानगंज. अजगैवीनगरी में गंगा घाट पर पेयजल को लेकर बोतल बंद पानी ही सहारा है. श्रद्धालु को अगर प्यास लग जाय, तो गंगा का पानी ही पीने की मजबूरी होती है. भीषण गर्मी में गंगा घाट पर पेयजल की व्यवस्था नही रहने से श्रद्धालु परेशान होते हैं. गंगा घाट पर समुचित पेयजल की कार्य योजना नहीं तैयार की जाती है. सावन-भादो के बाद प्रशासनिक इंतजाम समेट लेने के बाद 10 माह श्रद्धालुओं को पेयजल को लेकर जेब ढीली करनी पड़ती है. श्रद्धालुओं के लिए सालो भर गंगा तट पर पेयजल की समुचित सुविधा मिले, इसके लिए कार्ययोजना बनाने की जरूरत है. सालो भर हो मुकम्मल व्यवस्था जाह्नवी गंगा आरती महासभा के संयोजक संजीव झा ने बताया कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गंगा तट पर बिहार सहित दूसरे प्रांत से आते हैं. सुविधा नहीं होने से गंगा जल भरने में काफी परेशानी होती हैं. प्रशासन सालों भर एक तैराक तथा समुचित पेयजल व रोशनी की व्यवस्था घाट पर दें. कई पंडा ने बताया कि पानी के लिए प्रतिदिन श्रद्धालु घाट पर परेशान होते हैं. प्रशासन पेयजल के लिए एक टैंकर की व्यवस्था तथा अजगैवीनाथ मंदिर से पाइप से गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था करें, ताकि श्रद्धालुओं को पेयजल की किल्लत नहीं रहे. झारखंड से पहुंचे श्रद्धालु देवाशीष मुंडा ने कहा कि पेयजल की समुचित सुविधा घाट नही है. बोतल बंद पानी क्रय कर प्यास बुझाने की विवशता है. सालों भर मूलभूत सुविधा गंगा घाट पर विकसित करने की जरूरत है. दुमका से पहुंचे श्रद्धालु रामलखन महतो ने बताया कि हजारों श्रद्धालुओं के लिए कोई व्यवस्था गंगा घाट पर नहीं रहती है, जो चिंता की बात है. उन्होंने गंगा घाट पर विशेष तिथि पर उमड़ने वाली भीड़ को लेकर सुविधा बहाल के साथ मूलभूत सुविधा पेयजल, शौचालय की व्यवस्था करने की बात कही.

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