सीएम के बयान के बाद यात्रियों ने किराया देने से किया इनकार, बरारी घाट पर नाविकों ने भी कर दी हड़ताल

Bhagalpur News: मुख्यमंत्री के बयान के बाद भागलपुर के बरारी घाट पर नया विवाद खड़ा हो गया. यात्रियों ने नाव किराया देने से इनकार किया तो नाविकों ने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार कर दिया. सुबह से नाव परिचालन बंद होने के कारण गंगा पार जाने वाले सैकड़ों यात्री घाट पर फंसे रहे.

भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट

Bhagalpur News : भागलपुर के बरारी घाट पर सोमवार को नाविकों ने अचानक नाव परिचालन बंद कर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया. नाविकों का आरोप है कि मुख्यमंत्री के हालिया बयान का हवाला देकर यात्री किराया देने से इनकार करने लगे, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया. विवाद बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन समाचार लिखे जाने तक गतिरोध कायम था.

सीएम ने कहा था बेली ब्रिज चालू होने तक नहीं लिया जायेगा किराया

नाविकों के अनुसार रविवार को भागलपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि बेली ब्रिज चालू होने तक आम लोगों से आवागमन के लिए किसी प्रकार का किराया नहीं लिया जाएगा. सोमवार सुबह से ही कई यात्रियों ने इसी बयान का हवाला देते हुए नाव का किराया देने से मना कर दिया.नाविकों का कहना है कि कुछ यात्रियों ने किराया मांगने पर उनसे बहस की और नाराजगी भी जतायी.

सुबह पांच बजे से शुरू हुआ विवाद

घाट पर सुबह पांच बजे से ही किराया को लेकर विवाद शुरू हो गया था. नाविकों ने बताया कि लगातार चार घंटे तक यात्रियों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई. सुबह करीब नौ बजे सभी नाविकों ने एकजुट होकर नाव परिचालन बंद करने का फैसला ले लिया.इसके बाद गंगा पार करने वाले यात्रियों की लंबी कतारें घाट पर लग गईं.

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

नाव परिचालन बंद होने की सूचना मिलते ही घाट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने नाविकों से बातचीत की. बाद में सदर एसडीओ विकास कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया.हालांकि नाविक अपने निर्णय पर अड़े रहे और स्पष्ट किया कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक वे परिचालन शुरू नहीं करेंगे.

”भुगतान मिले तो देंगे निशुल्क सेवा”

नाविकों ने कहा कि यदि सरकार या प्रशासन उनकी आय की भरपाई करने की व्यवस्था करता है तो वे निशुल्क सेवा देने के लिए तैयार हैं. उनका कहना है कि नाव चलाना ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है और बिना आय के परिवार का भरण-पोषण संभव नहीं है.

यात्रियों को उठानी पड़ी परेशानी

नाव परिचालन बंद होने के कारण बरारी घाट पर बड़ी संख्या में यात्री घंटों इंतजार करते रहे. कई लोगों को जरूरी काम से गंगा पार जाना था, लेकिन सेवा ठप रहने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा.प्रशासन लगातार नाविकों और यात्रियों के बीच बने गतिरोध को समाप्त कराने की कोशिश में जुटा हुआ है.

समाधान का इंतजार

स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन और नाविकों के बीच जल्द बातचीत कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और नाविकों की आजीविका भी प्रभावित न हो. फिलहाल बरारी घाट पर सभी की नजर प्रशासनिक पहल और आगे होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है.

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लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

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