भागलपुर जिले के गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत राघोपुर-खैरपुर के पास उफनती गंगा के भीषण कटाव ने ऐतिहासिक थाना बिहपुर-महादेवपुर रेल लाइन के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. गंगा की मुख्य धारा के सीधे टकराने से करीब 220 मीटर लंबे जमींदारी बांध का लगभग 150 मीटर हिस्सा कटकर नदी में विलीन हो चुका है. बांध के बड़े हिस्से के ध्वस्त होने के बाद अब कटाव का सीधा रुख इस ऐतिहासिक रेल लाइन की बची हुई पटरियों और संरचना की ओर बढ़ रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने डेढ़ दर्जन से अधिक संवेदकों (ठेकेदारों) और इंजीनियरों की टीम को 24 घंटे युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग कार्य में झोंक दिया है.
150 मीटर जमींदारी बांध ध्वस्त, रेल ट्रैक पर मंडराया सीधा खतरा
कटाव की भयावहता के चलते सुरक्षात्मक उपाय टिक नहीं पा रहे हैं:
- धारा में अचानक बदलाव: गंगा की मुख्य धारा का रुख अचानक तटबंध की ओर मुड़ने से राघोपुर-खैरपुर के बीच का जमींदारी बांध बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
- अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम में दबाव: 220 मीटर लंबे बांध में से 150 मीटर हिस्सा पहले ही कट चुका है. अब अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों तरफ से शेष 70 मीटर हिस्से पर भारी दबाव है. यदि यह हिस्सा भी बहा, तो पुरानी रेल लाइन सीधे गंगा के आगोश में समा जाएगी.
- NC बंबू रोल और हाथी पांव से मुकाबला: तेज बहाव को रोकने के लिए विभाग द्वारा एनसी बंबू रोल, जियो बैग्स और 'हाथी पांव' (विशाल कंक्रीट/बोल्डर ब्लॉक) डाले जा रहे हैं, लेकिन पानी की रफ्तार के आगे बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है.
क्षेत्र का गौरवशाली इतिहास समेटे है यह रेलखंड
थाना बिहपुर-महादेवपुर रेलखंड सिर्फ लोहे की पटरी नहीं, बल्कि अंग और कोसी क्षेत्र की समृद्ध रेल विरासत का प्रतीक है:
- थाना बिहपुर को मिला था जंक्शन का दर्जा: इसी रेल लाइन के कारण थाना बिहपुर को रेलवे मैप पर 'जंक्शन' का ऐतिहासिक दर्जा प्राप्त हुआ था, जो कभी गंगा पार आवागमन की सबसे महत्वपूर्ण जीवनरेखा मानी जाती थी.
- पुनरुद्धार की मांग के बीच अस्तित्व का संकट: स्थानीय लोग लंबे समय से इस रेलखंड को दोबारा चालू कराने की मांग उठा रहे थे. विडंबना यह है कि जिसे पुनर्जीवित कराने की उम्मीद थी, आज उसी ऐतिहासिक धरोहर के अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
अधिकारियों का कैंप, 24 घंटे मॉनिटरिंग जारी
जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और हर स्थिति पर नजर रख रहे हैं:
- अभियंता प्रमुख (वरुण कुमार): "जमींदारी बांध की सुरक्षा के साथ-साथ थाना बिहपुर-महादेवपुर रेल लाइन के ऐतिहासिक ढांचे को बचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है."
- मुख्य अभियंता (जयप्रकाश पासवान): "नदी की धारा में अचानक आए अप्रत्याशित बदलाव ने कटाव की गति को बढ़ा दिया है. इंजीनियरों की पूरी टीम मौके पर कैंप कर रही है और बचाव कार्य बिना रुके लगातार जारी है."
जलस्तर में स्थिरता, लेकिन खतरा बरकरार
राघोपुर में गंगा का जलस्तर अभी भी लाल निशान (खतरे के निशान) के करीब बना हुआ है. हालांकि जलस्तर स्थिर होने से थोड़ी राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन जब तक पानी पूरी तरह नहीं घटता और धारा सीधी नहीं होती, तब तक इस ऐतिहासिक रेल विरासत पर खतरा टला नहीं माना जा सकता.
