दीपावली और लोकआस्था के महापर्व छठ के दौरान परदेस से घर लौटने और पर्व समाप्ति के बाद वापस काम पर जाने वाले रेल यात्रियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूर्व रेलवे के मालदा डिवीजन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. भागलपुर रेलवे स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ के दबाव को व्यवस्थित करने के लिए लगभग 39 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक विशाल और अत्याधुनिक 'स्थायी होल्डिंग एरिया' का निर्माण कराया जाएगा. परियोजना को रेलवे बोर्ड से प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है. इस कार्य का जिम्मा राइट्स (RITES) के माध्यम से रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) को सौंपा गया है. निर्माण कार्य को महज 4 महीने के भीतर पूरा करने का सख्त लक्ष्य रखा गया है.
बिहार और मालदा डिवीजन का पहला स्टेशन, जहां बनेगा स्थायी होल्डिंग एरिया
अब तक हर साल दीपावली और छठ के दौरान स्टेशन परिसर में मालदा डिवीजन द्वारा वाटरप्रूफ टेंट और पंडाल लगाकर अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाया जाता था, जिस पर रेलवे के लाखों रुपये खर्च होते थे. इसके बावजूद यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ता था. अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया है. पूरे बिहार और मालदा रेल मंडल के अंतर्गत भागलपुर पहला ऐसा स्टेशन होगा, जहां यात्रियों के ठहरने के लिए सर्वसुविधायुक्त स्थायी होल्डिंग परिसर विकसित किया जा रहा है. इसका निर्माण पुराने रिजर्वेशन काउंटर के समीप खाली पड़ी भूमि पर कराया जाएगा.
हॉल, आरामदायक कुर्सियां, टॉयलेट और स्नानागार से लैस होगा परिसर
प्रस्तावित होल्डिंग एरिया को एक विशाल आधुनिक हॉल के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें एक साथ सैकड़ों यात्रियों के बैठने के लिए आरामदायक कुर्सियां (सीटिंग चेयर) लगाई जाएंगी. लंबी दूरी की ट्रेनों से देर रात आने वाले या कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने वाले यात्री यहां सुरक्षित विश्राम कर सकेंगे. परिसर में स्वच्छ पेयजल, आधुनिक यूरिनल, टॉयलेट ब्लॉक और स्नानागार (बाथरूम) की पूरी व्यवस्था होगी. निर्माण स्थल का स्थलीय तकनीकी सर्वे पूरा कर लिया गया है, साथ ही आरपीएफ द्वारा पूरे इलाके की ड्रोन से फोटोग्राफी व मैपिंग भी कराई जा चुकी है.
दिल्ली, मुंबई और गुजरात जाने वाली ट्रेनों में उमड़ता है जनसैलाब
पर्व-त्योहारों के मौसम में दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल), मुंबई, सूरत, अहमदाबाद और पंजाब से आने-जाने वाली ट्रेनों में तिल रखने की जगह नहीं होती है. दीपावली से दो दिन पहले से ही आने वाले प्रवासियों का रेला शुरू हो जाता है, जबकि छठ पूजा के एक हफ्ते बाद से वापसी करने वाले कामगारों की भारी भीड़ स्टेशन पर उमड़ती है. इस दौरान मुख्य स्टेशन और प्लेटफॉर्मों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बचती.
माइकिंग से होगा संचालन: ट्रेन आने के 10 मिनट पहले ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा प्रवेश
छठ पूजा के बाद वापसी के पीक सीजन में यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. स्टेशन पर आते ही यात्रियों को माइकिंग और उद्घोषणा प्रणाली के जरिए होल्डिंग एरिया में भेजा जाएगा. इसके बाद जब संबंधित ट्रेन प्लेटफॉर्म पर लग जाएगी या आने वाली होगी, तब ट्रेन रवानगी से ठीक 10 मिनट पहले उस गाड़ी के यात्रियों को कतारबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म पर भेजा जाएगा. इस व्यवस्था से प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी और भगदड़ की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाएगी.
रेलवे अधिकारी का आधिकारिक बयान
"मालदा डिवीजन के द्वारा स्थायी होल्डिंग एरिया का निर्माण होगा. लगभग 39 करोड़ की लागत से इसका निर्माण कार्य जल्द ही कराया जाएगा. इसके लिए परमिशन और स्वीकृति मिल गई है. यह कार्य राइट (RITES) कंपनी को दिया गया है, जो रेलवे लैंड डेवलपमेंट ऑथोरिटी (RLDA) के जरिए इसे बनाएगी." - डॉ. उदय चंद्र झा (PCCM, पूर्व रेलवे, कोलकाता)
