Bihar: चोर ने पहले मां काली की प्रतिमा को किया प्रणाम, फिर सोने के आभूषण की कर ली चोरी

Bihar: बिहार के भागलपुर में एक बेहद हैरान करने वाली घटना सीसीटीवी में कैद हुई है. फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने मंदिर में चोरी करने से पहले मूर्ति को प्रणाम किया और फिर गहने को उतार लिया.

Bihar: एक चोर ने जब शनिवार की रात किसी घर में चोरी नहीं कर पाया तो वह सीधे भागलपुर के कासिम बाजार थाना क्षेत्र के लल्लू पोखर काली मंदिर पहुंच गया. जहां उसने मां काली की प्रतिमा के समक्ष खड़ा होकर पहले प्रणाम किया, फिर माथे से सोने का टीका और नाक से नथिया चोरी कर मंदिर से निकल गया. चोर की यह करतूत मंदिर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया है. जिसकी जांच में पुलिस जुट गयी है.

स्थानीय लोग में गुस्सा

बताया जाता है कि रविवार की सुबह कुछ महिलाएं लल्लू पोखर काली मंदिर में माता काली की पूजा-अर्चना करने पहुंची. जिनकी नजर माता के प्रतिमा पर पड़ी तो प्रतिमा से आभूषण गायब था. जिसके बाद इस चोरी की खबर पूरे मुहल्ले में फैल गयी और कुछ ही देर में वहां मोहल्ले वालों की भीड़ इकट्ठा हो गयी. चोरी की घटना से लोग काफी आक्रोशित हैं. सूचना पर कासिम बाजार थाना पुलिस भी पहुंची.

सीसीटीवी फुटेज से पता चल

पुलिस ने मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा. जिसमें दिख रहा था कि एक युवक ने मुंह में गमछा बांध मंदिर में प्रवेश किया. उसने मां काली की प्रतिमा को प्रणाम किया. जिसके बाद उसने प्रतिमा पर से गहने को उतार लिया. मुंह में गमछा बांधे होने के कारण चोर की पहचान नहीं हो पाई है. कासिम बाजार थाना अध्यक्ष रूबीकांत कच्छप ने बताया कि चोरों ने नथ और टीका की चोरी किया है. सीसीटीवी फुटेज से चोर की पहचान नहीं हो पायी है. पुलिस चोर को शिनाख्त करने में जुट गयी है.

इसे भी पढ़ें: बिहार से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनें रद्द, बदले रूट से चलेगी पवन एक्सप्रेस

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >