भागलपुर से ब्रजेश माधुर्य की रिपोर्ट
Bhagalpur News: भागलपुर समीक्षा भवन में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई. बैठक में अधिनियम के प्रावधानों के त्वरित और प्रभावी अनुपालन की समीक्षा की गयी. इस दौरान जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विभिन्न मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिये.
आवंटित राशि से 83 पीड़ितों और आश्रितों को दिया जा चुका है मुआवजा
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक अधिनियम के तहत आवंटित राशि से 83 पीड़ितों और आश्रितों को मुआवजा दिया जा चुका है. वहीं, इस वर्ष अब तक अधिनियम के तहत जिले में 50 मामले दर्ज हुए हैं और सभी मामलों में पीड़ितों व आश्रितों को जिला पदाधिकारी की स्वीकृति के बाद निर्धारित मुआवजा राशि का समय पर भुगतान कर दिया गया है.
समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि एससीएसटी एक्ट के तहत 48 आश्रितों को प्रतिमाह निर्धारित पेंशन का नियमित भुगतान किया जा रहा है. वहीं, दर्ज हत्या के दो मामलों में आश्रितों को नौकरी का लाभ भी दिया गया है.
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Bhagalpur News: किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने देने का निर्देश
बैठक में जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि अधिनियम का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. उन्होंने जांच अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ मामलों की जांच करने को कहा. साथ ही एससी एसटी एक्ट के नोडल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि अधिनियम के तहत दर्ज मामलों के अनुसंधान की लगातार निगरानी कर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें.
जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने के लिए लंबित 287 मामलों में अनुसंधान कार्य तेजी से पूरा कर शीघ्र आरोप पत्र समर्पित किया जाये. इसके अलावा दोनों नोडल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और विशेष लोक अभियोजक को निर्देश दिया गया कि अधिनियम के तहत दर्ज जघन्य मामलों के स्पीडी ट्रायल के लिए आवश्यक प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करें.
सूखे नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जतायी
बैठक में गैर सरकारी सदस्यों ने अनुसूचित जाति समुदाय में सूखे नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जतायी. इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि ऐसे अनुसूचित जाति टोलों में जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को सूखे नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना सुनिश्चित करेंगे.
