Bhagalpur Municipal Corporation: भागलपुर नगर निगम की योजना शाखा में कराये गये विभिन्न कार्यों को लेकर पार्षदों ने अब विस्तृत जांच की मांग उठायी है. शनिवार को प्रेस वार्ता कर पार्षद संघ और पार्षद एकता मंच ने योजना शाखा से जुड़े विभागीय और निविदा कार्यों का निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय ऑडिट कराने की मांग की.
पार्षदों ने खास तौर पर 155 चापाकलों के पास सोख्ता निर्माण के लिए करीब 62 लाख रुपये के प्रावधान का मुद्दा उठाया. मंच का कहना है कि इन सभी स्थलों का स्वतंत्र अभियंताओं से भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कागज पर दर्ज काम वास्तव में जमीन पर हुआ है या नहीं और निर्माण की गुणवत्ता कैसी है.
हालांकि, मंच ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी अधिकारी या कर्मचारी को पहले से दोषी नहीं मान रहा है. पार्षदों के अनुसार जांच का उद्देश्य दस्तावेजों और जमीन पर मौजूद काम के बीच वास्तविक स्थिति सामने लाना है. यदि सभी कार्य नियमों के अनुरूप पाये जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को भी जांच में स्पष्ट रूप से क्लीन चिट मिलनी चाहिए.
155 चापाकलों के सोख्ता निर्माण में 62 लाख का मामला
प्रेस वार्ता में सबसे प्रमुख मुद्दा विभिन्न वार्डों में 155 चापाकलों के पास सोख्ता निर्माण का रहा. मंच के मुताबिक प्रति सोख्ता करीब 40 हजार रुपये की दर से कुल राशि करीब 62 लाख रुपये बतायी गयी है.
पार्षद संघ और मंच ने मांग की कि सभी 155 स्थलों की अलग-अलग जांच हो. स्वतंत्र अभियंताओं की टीम मौके पर जाकर यह देखे कि सोख्ता का निर्माण हुआ है या नहीं, निर्माण किस स्तर का है और काम निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया है या नहीं.
मंच का कहना है कि सिर्फ फाइलों में दर्ज भुगतान या मापी पुस्तिका के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय काम का भौतिक सत्यापन जरूरी है.
सौंदर्यीकरण से लेकर विसर्जन घाट तक के काम जांच के दायरे में
पार्षदों ने योजना शाखा के माध्यम से कराये गये सभी विभागीय और निविदा कार्यों की जांच कराने की मांग की है. इनमें नगर सौंदर्यीकरण, विसर्जन घाट पर कृत्रिम तालाब निर्माण, बैरिकेडिंग समेत अन्य कार्य शामिल हैं.
मंच ने मांग की कि इन कार्यों के स्वीकृत प्राक्कलन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, सामग्री खरीद, मापी पुस्तिका, भुगतान और वर्तमान में स्थल पर मौजूद काम का मिलान कराया जाये.
इसके साथ ही कार्यपालक अभियंता अरुण गुप्ता के माध्यम से कराये गये कार्यों और संबंधित एजेंसियों की सूची भी सार्वजनिक करने की मांग की गयी है.
दो योजना प्रभारियों के कार्यकाल की जांच की मांग
पार्षद संघ ने योजना शाखा के दो प्रभारियों के कार्यकाल से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की मांग उठायी. मंच के अनुसार एक योजना शाखा प्रभारी की करीब 12-13 वर्षों की पदस्थापना और उनसे जुड़े ठेकेदारी मामलों की दस्तावेज आधारित जांच होनी चाहिए.
वहीं दूसरे योजना शाखा प्रभारी के करीब नौ वर्षों के कार्यकाल में निभायी गयी जिम्मेदारियों, जेम पोर्टल और योजना शाखा में दिये गये प्रभार की भी जांच की मांग की गयी.
मंच ने रेहान की अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित पूर्व जांच के दस्तावेजों को भी सक्षम स्तर पर सत्यापित कराने की मांग रखी है.
सड़क निर्माण की गुणवत्ता और भुगतान की भी हो जांच
नगर निगम के अलग-अलग इलाकों में कराये गये सड़क निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाये गये. मंच ने वार्ड 27 के मंडल टोला में पीसीसी सड़क निर्माण में मिट्टी भराई, लेवल और 10 प्रतिशत दंड से जुड़े आदेशों की जांच कराने की मांग की.
इसके अलावा मिरजानहाट मेन रोड से बरसलीगंज क्षेत्र तक सड़क निर्माण की गुणवत्ता, जांच रिपोर्ट और भुगतान का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की गयी.
पार्षदों ने कहा कि जांच केवल किसी एक योजना या एक फाइल तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. योजना शाखा की सभी फाइलों, भुगतान, मापी पुस्तिकाओं और वर्तमान में जमीन पर मौजूद कार्यों का स्वतंत्र तरीके से ऑडिट कराया जाना चाहिए.
दोष साबित हो तो राशि की हो वसूली
पार्षद संघ और पार्षद एकता मंच ने मांग की कि जांच के दौरान यदि किसी काम में नियमों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित राशि की वसूली की जाये और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई हो.
वहीं, यदि दस्तावेज और स्थल जांच में सभी कार्य नियमानुसार पाये जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को भी जांच से स्पष्ट रूप से क्लीन चिट दी जाये.
मंच ने वित्तीय क्षति की राशि जमा कराने से जुड़े आदेश, जांच रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई की वर्तमान स्थिति भी सार्वजनिक करने की मांग की है.
Bhagalpur Municipal Corporation: पार्षदों ने कहा, जांच से ही साफ होगी वास्तविक स्थिति
पार्षद संघ के अध्यक्ष अनिल पासवान समेत अन्य पार्षदों का कहना है कि सरकारी राशि से कराये गये कामों में पारदर्शिता सबसे जरूरी है. दस्तावेजों में दर्ज काम और वास्तविक स्थल की स्थिति एक जैसी है या नहीं, यह स्वतंत्र जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
प्रेस वार्ता में स्थायी समिति के सदस्य संजय सिन्हा, अश्वनी जोशी मोंटी, निकेश यादव, बबीता देवी, अभिषेक मिश्रा, मनीष यादव, संध्या गुप्ता, पंकज गुप्ता, गोपाल कुमार, दीपक शाह समेत कई पार्षद एवं प्रतिनिधि मौजूद थे.
