Bhagalpur Municipal Corporation: भागलपुर नगर निगम में विकास योजनाओं के बंटवारे को लेकर विवाद अब आंदोलन की ओर बढ़ता दिख रहा है. निगम की योजनाओं से 22 वार्डों को कथित रूप से वंचित किए जाने के मुद्दे पर पार्षदों ने सामूहिक रूप से आवाज उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. गुरुवार को उर्दूबाजार स्थित वार्ड 16 के पार्षद कार्यालय में वंचित वार्डों के पार्षदों की बैठक हुई, जिसमें निगम की योजना प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जतायी गयी.
बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं के बंटवारे में सभी वार्डों को समान अवसर नहीं दिया जा रहा है. उनका कहना था कि नगर निगम क्षेत्र के हर वार्ड के लोगों को विकास योजनाओं का समान लाभ मिलना चाहिए. किसी वार्ड को योजनाओं से बाहर रखने से वहां के विकास कार्य प्रभावित होंगे और इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा.
22 वार्डों को योजनाओं से बाहर रखने पर नाराजगी
बैठक में पार्षद अमृता राज ने कहा कि नगर निगम के सभी वार्डों में विकास योजनाओं का समान रूप से बंटवारा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि 22 वार्डों को योजनाओं से बाहर रखने के फैसले के खिलाफ पार्षद अब सामूहिक रूप से अपनी आवाज उठायेंगे.
पार्षदों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में सड़क, नाला, जलनिकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जरूरतें हैं. ऐसे में विकास योजनाओं में किसी वार्ड को शामिल नहीं किया जाना स्थानीय लोगों के हित में नहीं है.
बैठक में बनी आंदोलन की रूपरेखा
गुरुवार की बैठक में पार्षदों ने सिर्फ नाराजगी जताने के बजाय आगे की रणनीति पर भी चर्चा की. आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया.
पार्षदों ने तय किया कि निगम की योजना प्रक्रिया और 22 वार्डों को योजनाओं से कथित रूप से बाहर रखने के मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया जायेगा. इसके लिए आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है.
22 अगस्त को प्रेसवार्ता में होगा बड़ा ऐलान
पार्षदों ने बताया कि आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा 22 अगस्त को आयोजित प्रेसवार्ता में की जायेगी. इसी दौरान पार्षद निगम की योजना प्रक्रिया पर अपना पक्ष रखेंगे और यह भी बताएंगे कि 22 वार्डों को योजनाओं से वंचित किये जाने के खिलाफ उनका आंदोलन किस तरह आगे बढ़ेगा.
इस घोषणा के बाद नगर निगम की राजनीति में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है.
Bhagalpur Municipal Corporation: विकास योजनाओं को लेकर आम लोगों की नजर
नगर निगम की योजनाओं का असर सीधे शहर के वार्डों में रहने वाले लोगों पर पड़ता है. ऐसे में 22 वार्डों को योजनाओं से बाहर रखने का आरोप केवल पार्षदों का राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि संबंधित वार्डों के विकास से जुड़ा विषय भी है.
अब सभी की नजर 22 अगस्त की प्रेसवार्ता पर है. पार्षद उस दिन आंदोलन की दिशा और आगे की कार्रवाई को लेकर क्या घोषणा करते हैं, इससे स्पष्ट होगा कि यह विवाद बातचीत तक सीमित रहता है या नगर निगम के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू होता है.
बैठक में पार्षद गोबिंद बनर्जी, रंजीत मंडल, सोनी देवी, अमृता राज समेत पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार यादव मौजूद थे.
