Bhagalpur Kabaddi Competition: राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर भागलपुर के खेल भवन में कबड्डी का रोमांच देखने को मिला. खेल विभाग, बिहार और जिला प्रशासन, भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया. फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया और अंत में बालक वर्ग में भागलपुर सदर तथा बालिका वर्ग में कहलगांव की टीम विजेता बनी.
प्रतियोगिता के दौरान मैदान में खिलाड़ियों की तेजी, रणनीति और दमखम देखने को मिला. खासकर दोनों वर्गों के फाइनल मुकाबले काफी रोमांचक रहे. बालक वर्ग में भागलपुर सदर ने रामकृष्ण विद्या मंदिर, रणनुचक को 14 प्वाइंट से हराकर खिताब अपने नाम किया. वहीं बालिका वर्ग में कहलगांव की टीम ने पीरपैंती को तीन प्वाइंट के अंतर से शिकस्त दी.
बालक वर्ग के फाइनल में भागलपुर सदर की शानदार जीत
बालक वर्ग के फाइनल में भागलपुर सदर और रामकृष्ण विद्या मंदिर, रणनुचक की टीम आमने-सामने थी. दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही मुकाबले में बढ़त बनाने की कोशिश की.
मैच आगे बढ़ने के साथ मुकाबला दिलचस्प होता गया. खिलाड़ियों ने कबड्डी के दौरान अपनी फिटनेस, फुर्ती और टीम रणनीति का प्रदर्शन किया. निर्णायक क्षणों में भागलपुर सदर के खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर पकड़ मजबूत की.
अंत में भागलपुर सदर की टीम ने रामकृष्ण विद्या मंदिर, रणनुचक को 14 प्वाइंट से पराजित किया. इस जीत के साथ टीम ने बालक वर्ग का विजेता बनने का गौरव हासिल किया.
तीन प्वाइंट से जीता कहलगांव, पीरपैंती को मिली कड़ी टक्कर
बालिका वर्ग का फाइनल भी बेहद करीबी रहा. इसमें कहलगांव और पीरपैंती की टीमों के बीच मुकाबला हुआ. दोनों टीमों ने जीत के लिए शानदार खेल का प्रदर्शन किया.
मुकाबले में दोनों तरफ से खिलाड़ियों ने अंक हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किया. अंत तक मुकाबले में रोमांच बना रहा. आखिरकार कहलगांव की टीम ने पीरपैंती को तीन प्वाइंट से हराकर बालिका वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया.
कम अंतर से मिली इस जीत ने मुकाबले की प्रतिस्पर्धा को भी दिखाया. कहलगांव की खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को विजेता बनाया.
राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल प्रतिभाओं को मिला मंच
राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल उपलब्ध कराने और खेल के प्रति उत्साह बढ़ाने से भी जुड़ा रहा. भागलपुर में विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों को एक साथ मुकाबला करने का अवसर मिला.
ऐसी प्रतियोगिताओं से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को अपनी क्षमता परखने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है. खासकर स्कूली और युवा खिलाड़ियों के लिए जिला स्तर की प्रतियोगिताएं आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करती हैं.
कबड्डी जैसे खेलों में शारीरिक फिटनेस के साथ टीमवर्क, तेजी और रणनीति की भी जरूरत होती है. प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने इन सभी पहलुओं को मैदान पर सामने रखा.
आयोजन में खेल विभाग और कबड्डी संघ की अहम भूमिका
प्रतियोगिता के आयोजन में जिला कबड्डी संघ और जिला खेल कार्यालय से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. जिला कबड्डी संघ की ओर से राजेश कुमार, रविकांत रंजन, अशोक कुमार, मणिभूषण शर्मा और अशोक कुमार मौजूद रहे.
जिला खेल कार्यालय की ओर से जिला खेल पदाधिकारी मोहम्मद शमीम अंसारी, लिपिक मृणाल किशोर, सहायक आमिर खान, गृहरक्षक सुनील शर्मा और सुनील कुमार शर्मा ने प्रतियोगिता के सफल संचालन में भूमिका निभायी.
मैच के तकनीकी पदाधिकारियों के रूप में ऋतिक कुमार, सिकंदर विश्वकर्मा, रमन कुमार और प्रशांत ने अपनी जिम्मेदारियां संभालीं. स्कोरिंग का कार्य रणधीर सुमन आदि ने किया.
Bhagalpur Kabaddi Competition: भागलपुर में खेल प्रतिभाओं के लिए बढ़ रहा अवसर
जिला स्तर पर इस तरह के आयोजन स्थानीय खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण हैं. प्रतियोगिताओं में भाग लेने से खिलाड़ियों को अपनी कमियों और ताकत को समझने का अवसर मिलता है. साथ ही अलग-अलग टीमों के साथ मुकाबला करने से उनका अनुभव भी बढ़ता है.
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में बालक और बालिका दोनों वर्गों को बराबर मंच मिलना भी महत्वपूर्ण रहा. फाइनल में भागलपुर सदर और कहलगांव की जीत ने स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की मौजूदगी को सामने रखा.
आयोजन से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी अब ऐसे खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की होगी, ताकि जिला स्तर की प्रतिभाएं आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकें.
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