वरीय संवाददाता, भागलपुर परिवार नियोजन को लेकर सब डर्मल इम्प्लांट गर्भ निरोधक विधि विषय पर सदर अस्पताल परिसर में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ. कार्यशाला में सदर अस्पताल व जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज समेत अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के 11 नये महिला चिकित्सकों को सबडर्मल इम्प्लांट गर्भनिरोधक पर प्रशिक्षण दिया गया. इस दौरान जिले की 52 महिलाओं को सबडर्मल इम्प्लांट लगाया गया. इम्प्लांट के दौरान महिला डॉक्टरों ने किट लगाने की विधि सीखी. कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ अंजना कुमारी ने इस गर्भनिरोधक विधि के बारे में विस्तान से जानकारी दी. इस गर्भनिरोधक उपाय के माध्यम से महिलाएं तीन साल तक का गर्भनिरोधक सुविधा सुनिश्चित कर सकती हैं. ट्रेनर ने बताया कि इम्प्लांट लगने के एक सप्ताह के बाद यह काम करना शुरू कर देता है. इस दौरान महिलाएं अन्य तरह के परिवार नियोजन संसाधनों का प्रयोग करें. इसे मासिक धर्म समाप्त होने के बाद लगाया जा सकता है. कार्यक्रम का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति भागलपुर और पीएसआइ इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में हुआ. इस अवसर पर राष्ट्रीय मास्टर ट्रेनर डॉ. रानू सिंह ने डॉक्टरों को इम्पलांट लगाने की जानकारी दी. मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक मणि भूषण झा, पीएसआइ इंडिया के राज्य प्रतिनिधि मनीष सक्सेना, जिला प्रतिनिधि नवीन राय, आयज अशर्फी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.
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