प्रभारी सचिव ने टीएनबी कॉलेजिएट राहत शिविर का किया निरीक्षण

टीएनबी कॉलेजिएट बाढ़ राहत शिविर पहुंचे प्रभारी सचिव, प्रभावितों से पूछा- मिल रही सुविधाएं कैसी हैं

भागलपुर में बाढ़ का असर बढ़ने के बीच प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. प्रभारी सचिव ने टीएनबी कॉलेजिएट और राघोपुर के शिविरों का निरीक्षण कर लोगों से सीधा फीडबैक लिया.

Bhagalpur Flood Relief Camp: भागलपुर में बाढ़ का असर बढ़ने के बीच राहत शिविरों में रह रहे लोगों को मिल रही सुविधाओं की प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. सोमवार को जिला के प्रभारी सचिव दीपक आनंद टीएनबी कॉलेजिएट स्कूल परिसर में संचालित बाढ़ राहत शिविर पहुंचे. उन्होंने वहां सिर्फ अधिकारियों से व्यवस्था की जानकारी नहीं ली, बल्कि शिविर में रह रहे लोगों से सीधे बातचीत कर पूछा कि उन्हें भोजन, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाएं ठीक से मिल रही हैं या नहीं.

प्रभारी सचिव ने राहत शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया. उन्होंने भोजन की गुणवत्ता का स्वयं निरीक्षण किया. इसके साथ ही पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और स्वच्छता की स्थिति भी देखी. बाढ़ के कारण घर से दूर राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए ये सुविधाएं रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हैं, इसलिए प्रशासन की ओर से इनकी लगातार निगरानी की जा रही है.

शिविर में रह रहे लोगों से सीधे लिया फीडबैक

टीएनबी कॉलेजिएट राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने वहां रहने वाले लोगों से बातचीत की. उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं के बारे में उनका फीडबैक लिया. प्रशासन का जोर इस बात पर है कि राहत शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो.

भोजन की व्यवस्था की गुणवत्ता को लेकर भी प्रभारी सचिव ने मौके पर ही स्थिति देखी. इसके अलावा शिविर में लाये गये पशुओं के लिए चारा उपलब्ध है या नहीं, इसकी भी जानकारी ली गयी. बाढ़ की स्थिति में कई परिवारों के साथ उनके मवेशी भी प्रभावित होते हैं. ऐसे में पशु चारे की उपलब्धता भी राहत व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

प्रभारी सचिव ने टीएनबी कॉलेजिएट राहत शिविर की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया. उन्होंने कहा कि जिले के अलग-अलग बाढ़ राहत शिविरों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी न रहे.

राघोपुर में भी राहत शिविरों की जांच

प्रभारी सचिव ने राघोपुर, खरीक क्षेत्र में संचालित राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने वहां बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध करायी जा रही राहत व्यवस्था की जानकारी ली. प्रशासन की ओर से बताया गया कि राघोपुर क्षेत्र के राहत शिविरों में भी प्रभावित लोगों के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गयी हैं.

राघोपुर के राहत शिविरों में लगभग एक-एक हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गयी है. इसका उद्देश्य बाढ़ के कारण प्रभावित होकर शिविरों में पहुंचे लोगों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराना है.

बाढ़ के बीच प्रशासन की बढ़ी जिम्मेदारी

बाढ़ की स्थिति में राहत शिविर उन परिवारों के लिए अस्थायी सहारा बनते हैं, जिन्हें पानी बढ़ने के कारण अपना घर छोड़ना पड़ता है. ऐसे में शिविरों में भोजन और पानी के साथ साफ-सफाई, शौचालय और स्वच्छता की व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है.

प्रभारी सचिव के निरीक्षण से यह भी स्पष्ट है कि प्रशासन राहत शिविरों की व्यवस्थाओं की मौके पर जाकर समीक्षा कर रहा है. आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इन शिविरों में रहने वाले लोगों की जरूरतों पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण होगा.

Bhagalpur Flood Relief Camp: भागलपुर में यहां चल रहे हैं बाढ़ राहत शिविर

भागलपुर में टीएनबी कॉलेजिएट, इवनिंग कॉलेज, महाशय ड्योढ़ी, सीटीएस चर्च मैदान, बाल निकेतन टीएमबीयू, टिल्हा कोठी टीएमबीयू और राजकीय पॉलिटेकनिक मैदान में बाढ़ राहत शिविर संचालित हो रहे हैं. इसके अलावा इस्माइलपुर के गणेश बासा में तीन राहत शिविर चलाये जा रहे हैं.

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में राहत शिविरों की व्यवस्था की समीक्षा से यह संकेत मिलता है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सुविधाएं पहुंचाने और उनकी स्थिति पर नजर रखने को प्राथमिकता दी जा रही है.

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लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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