मुख्य बातें:
BAU National Mango Festival 2026: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर के प्रांगण में शनिवार से दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय आम समागम 2026’ का शानदार शुभारंभ होने जा रहा है. 27 एवं 28 जून तक चलने वाला यह भव्य महोत्सव पूरी तरह से आम के उन्नत उत्पादन, आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग), विपणन (मार्केटिंग) और कृषि क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों को समर्पित है. देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों के वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे भागलपुर के सबौर को बागवानी अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई वैश्विक पहचान मिलेगी.
9 राज्यों से आएंगी 1000 किस्में; 2000 से अधिक प्रदर्शनियों का लगेगा स्टॉल:
- राज्यों की भागीदारी: इस महोत्सव में बिहार और झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, दिल्ली, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित देश के कुल 9 राज्यों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.
- किस्मों की विविधता: समागम के दौरान आम की लगभग 1,000 विभिन्न विशिष्ट किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में 2,000 से अधिक आकर्षक विकासात्मक और तकनीकी प्रदर्शनियों (एग्जीबिशन) के स्टॉल लगाए जा रहे हैं.
- मुख्य आकर्षण: आम प्रेमियों और किसानों को देश भर की दुर्लभ पारंपरिक और हाइब्रिड (उन्नत) किस्मों के दीदार के साथ-साथ मूल्य संवर्धित उत्पाद (जैसे आम पापड़, पल्प, जूस), आधुनिक बागवानी तकनीक, टिकाऊ प्रसंस्करण तकनीक, कृषि स्टार्टअप और वैज्ञानिक नवाचारों को लाइव देखने व समझने का मौका मिलेगा.
BAU National Mango Festival 2026: किसानों की समृद्धि और बागवानी को नई दिशा देने का बड़ा मंच: कुलपति
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह आयोजन कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों के बीच आपसी संवाद का एक बेहतरीन जरिया साबित होगा.
बीएयू सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने महोत्सव की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन केवल आमों की एक साधारण प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह भारतीय बागवानी, हमारे वैज्ञानिकों के नवाचार और किसानों की समृद्धि का एक सशक्त राष्ट्रीय मंच है. इस समागम के माध्यम से हमारा मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर के किसानों को नई तकनीकों, उत्कृष्ट प्रजातियों, बेहतर पैकेजिंग और विपणन (मार्केटिंग) के आधुनिक अवसरों से सीधे जोड़ना है. इससे बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर आम उत्पादन और कृषि-उद्यमिता के एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी.
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यह राष्ट्रीय समागम किसानों, बागवानों, कृषि शोधकर्ताओं (रिसर्चर्स), कृषि संकाय के विद्यार्थियों और नए उद्यमियों के लिए एक अनूठा अवसर है, जहाँ वे सीधे कृषि वैज्ञानिकों से संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं और बाजार की नई मांग के अनुरूप खुद को तैयार कर सकते हैं. विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आम जनता और कृषि प्रेमियों से भी इस दो दिवसीय ज्ञानवर्धक और उत्पादक समागम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है.
