बिहार बजट 2026-27 में कृषि के आधुनिकीकरण के लिए डिजिटल कृषि निदेशालय की स्थापना की गयी. जीआइ टैग उत्पादों का प्रोत्साहन, कृषि स्टार्टअप का विकास, कृषि बाजारों का आधुनिकीकरण तथा मूल्य श्रृंखलाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया है. इन प्राथमिकताओं के अनुसार बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर राज्य के कृषि विकास एजेंड्डे को सशक्त बनाने के लिए अनुसंधान प्रसार एवं नवाचार आधारित पहलों को सक्रिय रूप से लागू कर रहा है. डिजिटल कृषि एवं स्टार्ट परामर्श प्रणाली प्रस्तावित डिजिटल कृषि निदेशालय के अनुरूप बीएयू सबौर किसानों के लिये डिजिटल एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. विश्वविद्यालय का प्रमुख निरोग मोबाइल एप किसानों के फसलों की बीमारियों की पहचान करने तथा तत्काल उपचार संबंधी परामर्श प्राप्त करने में सहायता प्रदान करता है. साथ ही बीएयू एफएम ग्रीन, कम्युनिटी रेडियो, सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मौसम एवं कृषि परामर्श प्रसारित कर रहा है. जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है. विश्वविद्यालय वर्तमान में लगभग 54 से 55 उत्पादों के लिये जीआइ टैग प्राप्त करने की दिशा में कार्य कर रहा है. जिन्हें 29 फसलें 20 प्रसंस्कृत एवं पारंपरिक खाद्य उत्पाद तथा पशुपालन एवं मत्स्य क्षेत्र के तीन-तीन उत्पाद शामिल है. कुलपति डॉ डीआर सिंह ने कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता उन्नत कृषि तकनीक को किसानों के लिये सुलभ एवं उपयोगी बनाना है.
bhagalpur news. बिहार बजट 2026-27 की कृषि प्राथमिकताओं को सशक्त बना रहा बीएयू सबौर
बिहार बजट 2026-27 में कृषि के आधुनिकीकरण के लिए डिजिटल कृषि निदेशालय की स्थापना की गयी
