गंगा एवं कोसी नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि के बीच मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने के लिए नदियों में मछली के शिकार पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है. इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (SP) ने अनुमंडल के सभी थानाध्यक्षों को कड़े निर्देश जारी करते हुए प्रतिबंध का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया है.
क्यों लगाया गया मछली पकड़ने पर प्रतिबंध?
पुलिस प्रशासन द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि मानसून का वर्तमान समय मछलियों के प्रजनन (Breeding) के लिए सबसे महत्वपूर्ण मौसम होता है:
- मत्स्य संपदा का संरक्षण: इस दौरान नदियों में मछली पकड़ने या जाल डालने से मत्स्य संसाधनों और जलजीव पारिस्थितिकी पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
- पूर्ण शिकारमाही पर रोक: इसी को ध्यान में रखते हुए गंगा और कोसी नदी के संपूर्ण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शिकारमाही (मछली पकड़ने की गतिविधि) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है.
थानाध्यक्षों को गश्ती और कड़ी निगरानी के निर्देश
एसपी ने अनुमंडल के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं:
- रिवर पैट्रोलिंग और निगरानी: पुलिस टीमों को नदी घाटों और तटीय इलाकों में नियमित गश्ती (Patrolling) अभियान चलाने को कहा गया है.
- उल्लंघन पर कार्रवाई: यदि कोई व्यक्ति या समूह इस प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने की मछुआरों से सहयोग की अपील
प्रशासन ने स्थानीय मछुआरों, नाविकों और आम नागरिकों से इस प्राकृतिक संरक्षण प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि प्रजनन अवधि समाप्त होने तक इस प्रतिबंध का ईमानदारी से पालन करें, ताकि नदियों में मत्स्य संपदा का संवर्धन और संरक्षण हो सके.
