पीरपैंती सुंदरपुर कृषि मैदान में स्वामी आगमानंद महाराज के सानिध्य में श्रीश्री 1008 महारुद्र यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ थी. पीठाधीश्वर स्वामी आगमानंद जी महाराज ने बताया कि भक्ति से मुक्ति, मोक्ष, ईश्वर की प्राप्ति होती है. भगवान की महिमा अपरंपार है. ईश्वर की महिमा कोई जान, समझ नहीं सकता है. मानव जीवन संसार के तमोगुण को प्राप्त कर कई दुखों को सहता है. दुख को न्यूनतम करने का प्रयास करना चाहिए. कथा प्रसंग में बालक ध्रुव की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि बालक ध्रुव को तपस्या के मार्ग में कई प्रकार का कष्ट हुआ. ईश्वर भी भक्तों की परीक्षा लेते हैं. सभी बाधाओं को सहते हुए बालक ध्रुव अपनी तपस्या में लीन रहा. तपस्या के प्रभाव से भगवत प्राप्ति हुई. स्वामी जी ने ईश्वर प्राप्ति का साधन तपस्या के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण के श्रवण की महिमा का आख्यान भी संगीत मय प्रस्तुति के साथ किया. यज्ञाचार्य पंडित अनिरुद्ध शास्त्री के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों की ओर से कराये जा रहे हवन पूजन से क्षेत्र में वातावरण भक्तिमय बना हुआ है. मुख्य जजमान राज आनंद, सिंपी कुमारी, अनिल कुमार साह, रेखा देवी, पप्पू मंडल, श्वेता देवी सहित अन्य यजमान हवन पूजन में लगे रहे. रात में वृंदावन से संतोष आचार्य के नेतृत्व में आयी रामलीला मंडली ने कई प्रकार की भक्ति लीला का संगीतमय प्रस्तुति दी, जिसे देखने लोगो की भीड़ देर रात तक डटी हुई थी. प्रमुख रश्मि कुमारी, स्वामी शिव प्रेमानंद महाराज, स्वामी मानवानंद महाराज, कुंदन बाबा, स्वामी तत्वानंद, यज्ञ समिति के अध्यक्ष पप्पू साह, रंजीत पासवान, गुंजन साह, अनिल राय व ऋषिकेश सिंह, रोहित पासवान, सूरज कुमार, अजय तांती, रवींद्र पासवान, गुड्डू तांती, प्रदीप पासवान, कमलेश कुमार, अरविंद पासवान, श्रवण कुमार, कुशल राज नेतृत्व कर रहे थे.
Bhagalpur news भक्ति से मोक्ष की प्राप्ति संभव : स्वामी आगमानंद
पीरपैंती सुंदरपुर कृषि मैदान में स्वामी आगमानंद महाराज के सानिध्य में श्रीश्री 1008 महारुद्र यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ थी.
