Bhagalpur news वित्त रहित कर्मियों को अनुदान नहीं मिलने से आक्रोश

वित्त रहित शिक्षा कर्मियों को पिछले आठ वर्षो से अनुदान की राशि नहीं मिलने से उनके समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है

वित्त रहित शिक्षा कर्मियों को पिछले आठ वर्षो से अनुदान की राशि नहीं मिलने से उनके समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. कर्मियों में काफी आक्रोश है. ताड़र कॉलेज में शनिवार को संबद्ध डिग्री महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों व शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी के लिए वेतन निर्धारित कर प्रतिमाह वेतन भुगतान करने को लेकर बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ (फैक्टनेब ) के जिला संयोजक डॉ प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. पटना में आयोजित धरना प्रदर्शन के बाद के कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई. वित्त रहित शिक्षा नीति के समाप्ति के बाद भी डिग्री महाविद्यालय को परीक्षा परिणाम आधारित अनुदान राशि भुगतान करने की नीति सरकार ने बनायी थी, लेकिन अनुदान राशि भुगतान की जटिलता से अनुदान बकाया है. महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बढ़ती महंगाई के अनुसार अनुदान राशि का निर्धारण किया जाए. महासंघ ने मांग की है कि वेतन संरचना निर्धारित करते हुए प्रति माह वेतन भुगतान किया जाए. बैठक में प्रो राजेंद्र प्रसाद सिंह, डॉ राजेश कुमार मिश्रा, प्रो सकल देव मंडल, प्रमोद कुमार मंडल, संजय मंडल, सुनील कुमार तांती, डॉ विभाकर सिंह, प्रो विशेश्वर प्रसाद सिंह, अभिनव कुमार सिंह उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को मांग पत्र दिया गया था. मांग पूरी नहीं हुई तो जेल भरो आंदोलन होगा.

विक्रमशिला केंद्रीय विवि निर्माण समिति की बैठक में कई निर्णय

विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय निर्माण समिति कहलगांव के सदस्यों की शहर के गांगुली पार्क परिसर स्थित विक्रमशिला बिहार भवन में बैठक हुई. बैठक में प्रधानमंत्री के 24 फरवरी को भागलपुर आगमन पर प्रसन्नता जाहिर की गयी तथा उम्मीद जतायी गयी कि उनके आगमन से विक्रमशिला का चतुर्दिक विकास हो सकेगा.सर्व समिति से निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री विक्रमशिला खुदाई स्थल का परिभ्रमण करें, ताकि अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर इसका प्रचार प्रसार हो सके. निर्णय लिया गया कि विक्रमशिला को बौद्ध सर्किट से जोड़ा जाए ताकि इसका चौमुखी विकास हो सके. निर्णय लिया गया कि केंद्रीय विवि की स्थापना जल्द हो तथा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी जाए. विक्रमशिला केंद्रीय विवि का शिक्षण कार्य तात्कालिक तौर पर कहलगांव में ही हो. विक्रमशिला के निकट पर्यटन विभाग की ओर से वर्षों पूर्व अधिग्रहित जमीन पर पर्यटक सुविधा विस्तार किया जाए, ताकि सैलानियों को सुविधा मिल सके. निर्णय लिया गया कि एक ज्ञापन डीएम को कहलगांव के अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से सुपुर्द किया जाए, ताकि इसकी सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली को दी जा सके. बैठक में प्रवीण कुमार राणा, पवन कुमार चौधरी, पवन कुमार भारती, पंकज कुमार गुप्ता, गौतम चौधरी, हिमांशु किशोर झा सहित अन्य सदस्य मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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