वार्ड संख्या 5 में 4 लाख 67 हजार 358 रुपये की लागत से पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. वार्ड पार्षद शंकर दास और स्थानीय ग्रामीणों ने सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए निर्माण स्थल पर जमकर विरोध और हंगामा किया. वार्ड पार्षद का आरोप है कि नगर पंचायत के अधिकारियों और अध्यक्ष पति के संरक्षण के कारण संवेदक (ठेकेदार) ने दबंगई दिखाते हुए घटिया निर्माण जारी रखा, जिसके विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नपं प्रशासन में खलबली मच गई है.
अचानक काम शुरू कर रातों-रात ढलाई करने का आरोप
वार्ड पार्षद शंकर दास ने बताया कि उनके वार्ड क्षेत्र में पीसीसी सड़क बनाने की जानकारी उन्हें पूर्व में नहीं दी गई थी:
- अचानक पहुंचे मजदूर: ढलाई से ठीक एक दिन पहले संवेदक अचानक मजदूर लेकर पहुंचे और घटिया ईंट का सोलिंग कार्य शुरू कर दिया.
- रातों-रात काम: संवेदक ने रातों-रात निर्माण सामग्री गिराई और दूसरे ही दिन ढलाई का काम शुरू कर दिया. जानकारी मिलने पर जब वार्ड पार्षद स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और काम रोकने की मांग की, तो संवेदक ने उनकी बात नहीं मानी.
मानक से कम मोटाई और अधूरी सड़क बनाने की शिकायत
सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि ने संवेदक पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं:
- साढ़े तीन इंच की ढलाई: ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित मानक की अनदेखी कर केवल तीन से साढ़े तीन इंच मोटी ढलाई ही की गई है.
- लोकेशन में हेरफेर: योजना के अनुसार यह सड़क जिन घरों तक बननी थी, वहां तक नहीं बनाई गई. सड़क न तो निर्धारित स्थान से शुरू हुई और न ही तय स्थान तक पहुंची.
- लिखित शिकायत का बहाना: वार्ड पार्षद ने जब कार्यपालक पदाधिकारी और नपं अध्यक्ष को फोन पर घटिया निर्माण की जानकारी दी, तो उन्होंने काम रोकने के बजाय लिखित शिकायत करने को कहा, ताकि इस बीच संवेदक को काम पूरा करने का समय मिल सके. इसके अलावा शेष बचे हिस्से की ढलाई ग्रामीणों से स्वयं कराने की बात कही गई, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया.
अध्यक्ष और अधिकारी के संरक्षण में खेल: वार्ड पार्षद
वार्ड पार्षद ने इस पूरे मामले में नगर पंचायत प्रशासन और संवेदक की मिलीभगत का आरोप लगाया है:
"संवेदक सोनू कुमार सुमन को घटिया निर्माण करने के लिए नगर पंचायत के अधिकारियों और अध्यक्ष का पूरा संरक्षण प्राप्त है. इसी वजह से विरोध के बावजूद घटिया तरीके से ढलाई की गई. हमने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सार्वजनिक किया है ताकि सच्चाई सामने आ सके. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए." — शंकर दास, वार्ड पार्षद, वार्ड संख्या 5, अकबरनगर
जांच के बाद होगी कार्रवाई: कार्यपालक पदाधिकारी
मामले को लेकर नगर पंचायत प्रशासन ने शिकायत मिलने की बात स्वीकार करते हुए जांच का भरोसा दिया है:
"सड़क का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है. इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है. निर्माण कार्य की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी." — निशांत कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत अकबरनगर
