रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी में जगमगाता अजगैबीनाथ धाम
रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी में जगमगाता अजगैबीनाथ धाम
श्रावणी मेले को लेकर पूरे अजगैबीनाथ मंदिर परिसर और उत्तरवाहिनी गंगा के बीच स्थित पहाड़ी तक जाने वाले पुल को आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है. रात के समय रंग-बिरंगी दूधिया रोशनी से नहाया मंदिर और नदी के ऊपर बना यह पुल श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जिसकी सुंदरता देखते ही बन रही है.
बाबा अजगैबीनाथ का श्रृंगार
ताजे फूलों और बेलपत्र से बाबा अजगैबीनाथ का भव्य श्रृंगार
मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरि ने बताया कि सावन माह में प्रतिदिन तड़के बाबा अजगैबीनाथ का ताजे फूलों, बेलपत्र और विशेष पूजन सामग्री से भव्य श्रृंगार किया जाता है. माना जाता है कि एक ही शिवलिंग में बाबा अजगैबीनाथ और बाबा वैद्यनाथ दोनों की शक्ति समाहित है. सरकारी पूजा के समय दोनों देवों का एक साथ पूजन होता है. महंत जी ने श्रद्धालुओं से पहले अजगैबीनाथ मंदिर में पूजा कर ही देवघर जाने का आग्रह किया है.
कांवरियों की भीड़
उत्तरवाहिनी गंगा तट पर कांवरियों का रेला
सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट पर अलसुबह से ही कांवरियों और श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. भक्त पवित्र गंगा में स्नान कर और जलपात्र में गंगाजल भरकर बाबाधाम (देवघर) के लिए पैदल यात्रा शुरू करते हैं. पूरे गंगा तट पर हर तरफ 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के गूंजते जयकारे माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक बना देते हैं.
गंगा महाआरती
बनारस की तर्ज पर आयोजित भव्य गंगा महाआरती
श्रावणी मेले के अवसर पर प्रत्येक संध्या जिला प्रशासन द्वारा गंगा घाट पर बनारस की तर्ज पर भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया जाता है. इसके अलावा अजगैबीनाथ मंदिर प्रबंधन की ओर से भी नियमित आरती की जाती है. अस्ताचलगामी सूर्य की किरणों और दीयों की रोशनी के बीच होने वाली इस महाआरती को देखने के लिए हजारों की संख्या में कांवरिये व स्थानीय लोग घाटों पर जमा होते हैं.
