अगुवानी घाट पुल का अप्रोच रोड बनाने का डेडलाइन फेल, जानें अब कब पूरा होगा

अगुवानी घाट पुल का अप्रोच रोड 209 करोड़ में बनना था लेकिन, यह 128.64 करोड़ में बन रहा है. दरअसल, फरवरी 2020 में इसका प्रशासनिक स्वीकृति करीब 209 करोड़ रुपये की मिली थी लेकिन, ठेका एजेंसी के साथ एग्रीमेंट 128.64 करोड़ रुपये का हुआ है.

अगुवानी घाट पुल न्यूज. उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से गंगा नदी में बन रहे अगुवानी घाट पुल के अप्रोच रोड का भी डेडलाइन फेल हो गया है. इस पुल का डेडलाइन पहले से 10 बार फेल हो चुका है और फिलहाल डेढ़ साल से भी अधिक समय से काम ठप है लेकिन, अप्रोच रोड का डेडलाइन फेल होने के बाद भी काम चालू है. लेकिन, एग्रीमेंट के अनुसार ठेका एजेंसी निर्धारित कार्यावधि में अप्रोच रोड बनाकर तैयार नहीं कर सका है.

दो साल में अप्रोच रोड बनाकर तैयार करना अनिवार्य था लेकिन, इसके पांच माह अधिक हो गया है और यह अबतक नहीं बन सका है. जिस तरह से अगुवानी घाट पुल ठेकेदार प्रेम में फंसा है, ठीक उसी तरह ये अप्रोच रोड का भी प्रोजेक्ट तय समय से पांच माह पीछे चल रहा है. यह अप्रोच रोड जून 2025 से पहले बनकर तैयार होने की गुंजाइश कम है. क्योंकि, इसका डेडलाइन जून 2025 तो निर्धारित किया गया है लेकिन, वह संभावित है. अगुवानी घाट पुल का अप्रोच रोड सुलतानगंज से मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफिल्ड के निकटतम बिंदु तक(रेल ओवर ब्रिज सड़क ओवर ब्रिज व अन्य) इपीसी मोड पर बन रहा है.

209 करोड़ में बनने वाला पुल बन रहा 128.64 करोड़ से


अगुवानी घाट पुल का अप्रोच रोड 209 करोड़ में बनना था लेकिन, यह 128.64 करोड़ में बन रहा है. दरअसल, फरवरी 2020 में इसका प्रशासनिक स्वीकृति करीब 209 करोड़ रुपये की मिली थी लेकिन, ठेका एजेंसी के साथ एग्रीमेंट 128.64 करोड़ रुपये का हुआ है.

99.39 करोड़ खर्च, फिर भी कोई काम पूरा नहीं


पुल निर्माण निगम की मानें, तो कार्य की उपलब्धता के आधार पर ठेका एजेंसी को 99.39 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है लेकिन, कोई एक काम यानी, सड़क ओवर ब्रिज, रेलवे ओवर ब्रिज व अप्रोच रोड भी पूरा नहीं हो रहा है.

जानें, एचीवमेंट
अप्रोच रोड : 41%

फाउंडेशन : 87.3%
सब स्ट्रक्चर : 85.9%

सुपर स्ट्रक्चर : 78.1%
काम पूरा करने की संभावित तिथि : 25 जून, 2025

अगुवानी घाट गंगा पुल और अप्रोच रोड बनने से फायदे


-पुल से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी कम हो जायेगी.

-उत्तर बिहार का सीधा संपर्क झारखंड से हो जायेगा.
-विक्रमशिला सेतु पर गाड़ियों का दबाव कम होगा.

-श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों को खगड़िया से भागलपुर आने के लिए करीब 90 किलोमीटर की दूरी की जगह केवल 30 किलोमीटर का सफर तय करना होगा.
-पुल और सड़क के निर्माण से एनएच 31 और एनएच 80 आपस में जुड़ जायेंगे.

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By RajeshKumar Ojha

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