ओपीडी के मरीजों के रजिस्ट्रेशन के लिए आभा नंबर जरूरी

ओपीडी के मरीजों के रजिस्ट्रेशन के लिए आभा नंबर जरूरी

– राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी की वरीय संवाददाता, भागलपुर जेएलएनएमसीएच समेत देश के सभी मेडिकल कॉलेजों के ओपीडी, आइपीडी, आपातकालीन विभाग में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के पंजीकरण के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) आइडी जरूरी होगा. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है. निर्णय लिया गया है कि सभी मरीजों को आभा आइडी के साथ पंजीकरण कराना होगा. मामले पर आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक सौरव मुखर्जी ने बताया कि ओपीडी काउंटर के पास आभा नंबर जेनरेट करने के लिए कर्मचारी की तैनाती की जायेगी. आभा नंबर आमलोगों का हेल्थ डिजिटल अकाउंट हैं. इस नंबर पर मरीज का सारा रिकॉर्ड अपलोड किया जायेगा. आभा नंबर को आधार या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर के सहारे abha.abdm.gov.in पर जेनरेट किया जा सकता है. एनएमसी के मूल्यांकन में आभा नंबर से रोगियों का प्रमाण : एनएमसी के अनुसार रोगियों के प्रमाणीकरण के लिए आभा नंबर जरूरी है. मेडिकल कॉलेज में यूजी या पीजी में बढ़ी हुई सीटें, नये कॉलेज, छात्रों को प्रवेश देने के लिए अनुमति या मान्यता का वार्षिक नवीनीकरण के लिए आभा नंबर जरूरी है. हालांकि, किसी भी मरीज को आभा आइडी के बिना इलाज से इनकार नहीं किया जा सकता है. वहीं 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष और उसके बाद के मूल्यांकन में आभा आइडी से प्रमाणित रोगियों और इससे संबंधित कार्यवाही को काउंट किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >