कहलगांव, भागलपुर से प्रतिनिधि की रिपोर्ट :
प्रखंड के सियां पंचायत स्थित बरैनी गांव निवासी असम राइफल्स के शहीद जवान शिव शंकर की याद को अमर करने के लिए बरैनी गांव के प्रवेश पर ‘शहीद शिव शंकर द्वार’* बनाया जायेगा. गांव में हुई युवाओं और ग्रामीणों की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. साथ ही युवाओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे शहीद के देश सेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों पर चलेंगे और इन्हें अपनी जीवनशैली बनाएंगे. युवाओं ने कहा कि शिव शंकर बरैनी की मिट्टी का पहला लाल था जो असम राइफल्स में गया. “उसकी शहादत आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देती रहे, इसके लिए गांव के बाहर भव्य शहीद द्वार बनना ही चाहिए”, युवा बल्लू पासवान ने कहा कि ग्रामीणों का मानना है कि यह द्वार सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि बलिदान और गौरव का प्रतीक होगा.शहीद के आदर्शों पर चलने का संकल्प
युवाओं ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे शिव शंकर की तरह मेधावी, मिलनसार और देश सेवा के प्रति समर्पित बनेंगे.हम भी शिक्षा, अनुशासन और समाज सेवा को अपनाकर उसके आदर्शों को जिंदा रखेंगे.शहीद द्वार हमें रोज इस संकल्प की याद दिलाएगा.”गांव में नशा मुक्ति, शिक्षा जागरूकता और सेना में भर्ती के लिए प्रेरणा शिविर चलाएंगे. _“यही शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.”
प्रशासन से मिलेंगे ग्रामीण
ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र हीं जिला पदाधिकारी और कहलगांव के अनुमंडल पदाधिकारी से मिलेगा. ‘शहीद शिव शंकर द्वार’ के निर्माण के लिए सरकारी स्वीकृति, भूमि आवंटन और सहयोग की लिखित मांग रखी जाएगी. ग्रामीणों ने कहा कि वे श्रमदान और जनसहयोग से भी द्वार निर्माण में हिस्सा लेंगे.
