भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट :
कुप्पाघाट स्थित महर्षि मेंहीं आश्रम में गुरुसेवी भगीरथ दास महाराज के 82वां जन्मोत्सव का. इसमें सत्संगियों की भीड़ उमड़ी. सभी ने धूमधाम से जन्मोत्सव मनाया. गुरुसेवी भगीरथ दास महाराज ने शुक्रवार को प्रवचन सत्र के दौरान गुरु महिमा व महर्षि मेंहीं के व्यक्तित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि संत का अवतरण जगत के उद्धार के लिए होता है. तीन तापों दैहिक, दैविक व भौतिक से मुक्त करने वाले संत ही हो सकते हैं. ऐसे ही संत हमारे गुरु महाराज महर्षि मेंहीं परमहंस थे. ऐसे संतों का आदेश और उपदेश पर संसार के लोग चले, तो पूरे संसार में शांति का साम्राज्य स्थापित हो जायेगा.बिहार-झारखंड के श्रद्धालु पहुंचे
जन्मोत्सव में कोसी-सीमांचल, पूर्व बिहार व झारखंड समेत सबे के विभिन्न हिस्सों के हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. गुरुसेवी भगीरथ दास महाराज ने महर्षि मेंहीं की तस्वीर पर माल्यार्पण किया. फिर महर्षि संतसेवी परमहंस पर माल्यार्पण किया. इसके बाद वर्तमान आचार्यश्री हरिनंदन बाबा से आशीर्वाद लिया.दिनभर चला भंडारा
जन्मोत्सव पर ब्रह्म मुहूर्त 3:00 से 5: 00 बजे तक ध्यानाभ्यास, फिर प्रातःकालीन सत्संग 6: 00 बजे हुआ. सुबह 11 बजे11 बजे सामूहिक भंडारा हुआ, जो कि दिनभर चलता रहा. भंडारा में साधु महात्माओं के बीच वस्त्र एवं दक्षिणा प्रदान किया गया. मंच संचालन संतमत सत्संग के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ स्वामी सत्यप्रकाश जी महाराज ने किया.
कई संतों ने किया प्रवचन
प्रवचन सत्र में स्वामी नरेशानंद जी महाराज, स्वामी परमानंद जी महाराज, स्वामी नंदन बाबा, श्री कैलाश मठ काशी से पधारे स्वामी रविशंकर जी महाराज ने गुरुसेवी स्वामी भगीरथ दास महाराज की गुरु सेवा पर प्रवचन किया. इस मौके पर गोपालपुर के पूर्व विधायक गोपाल मंडल, पूर्व जिला परिषद सदस्य सविता देवी, महासभा के मंत्री राम कुमार यादव, स्वामी पंकज बाबा, स्वामी संजय बाबा, डॉ प्रिय रंजन सर्वेश, नित्यानंद शर्मा , मनोज साह, अखिलेश मंडल, कबीर पासवान, अनुराग आनंद आदि का योगदान रहा.
