सड़क चौड़ीकरण और एनएच निर्माण में अकबरनगर के करीब 80 मजदूरों का लगभग 15 लाख रुपये बकाया है. मजदूरों का आरोप है कि ढाई साल बीतने के बाद भी मेहनताना नहीं मिला, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. भुगतान की मांग को लेकर भवनाथपुर स्थित निर्माण प्लांट पर दो दिनों से काम ठप है. गुरुवार को करीब 50 मजदूर अकबरनगर थाना पहुंच कर न्याय की गुहार लगाये. मजदूरों ने बताया कि उन्हें पंजाब में एनएच निर्माण कार्य के लिए ले जाया गया था, जहां जेके नाम के कंपनी के ठेकेदार विशाल के अधीन करीब दो माह काम कराया गया. 12.77 लाख रुपये बकाया हैं. अकबरनगर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान करीब 2.30 लाख रुपये का भुगतान शेष है. मजदूरों का कहना है कि पहले विरोध करने पर आंशिक भुगतान कर दिया जाता था, लेकिन इस बार केवल आश्वासन ही मिल रहा है. मजदूर प्रिंस कुमार, सुबोध कुमार, अभिषेक कुमार, भास्कर कुमार व विक्की कुमार ने बताया कि काम बंद करने पर स्थानीय पुलिस द्वारा दबाव बनाया जाता है. घोरघट से दोगच्छी तक सड़क चौड़ीकरण करा रही एमजीसीपीएल कंपनी के डीपीएम मानव चौधरी ने कहा कि मजदूर अलग-अलग कंपनियों से जुड़े हैं. समन्वय स्थापित कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गयी है. फिलहाल चार लाख रुपये दिये गये हैं, शेष राशि शीघ्र देने का प्रयास है. थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है, लेकिन अब तक कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जायेगी.
छात्र की तबीयत बिगड़ी, स्थिति सामान्य
सुलतानगंज मुरारका कॉलेज के एक छात्र को फाइलेरिया रोधी दवा खाने के बाद उल्टी और चक्कर आने की शिकायत सामने आयी है. तबीयत बिगड़ने पर छात्र को तत्काल रेफरल अस्पताल सुलतानगंज में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया. इलाज के बाद छात्र की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ. उसे सुरक्षित घर भेज दिया गया. अस्पताल के बीसीएम नलीन ने बताया कि छात्र के दवा संभवतः खाली पेट खा लेने से ऐसी परेशानी हुई होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब छात्र पूरी तरह ठीक है और किसी प्रकार की गंभीर समस्या नहीं है. स्वास्थ्य कर्मियों ने अपील की है कि फाइलेरिया रोधी दवा भोजन करने के बाद ही ली जाए, ताकि असुविधा से बचा जा सके.
