Bhagalpur news कमजोर बच्चों को निपुण बनाने में 63 स्कूलों की रुचि कम

कमजोर बच्चों को निपुण बनाने में 63 स्कूलों में रुचि नहीं दिख रही है. गुरुवार को पीयर लर्निंग के तहत जायजा लिया गया, जिसमें यह खुलासा हुआ.

शुभंकर, सुलतानगंज

कमजोर बच्चों को निपुण बनाने में 63 स्कूलों में रुचि नहीं दिख रही है. गुरुवार को पीयर लर्निंग के तहत जायजा लिया गया, जिसमें यह खुलासा हुआ. इंवॉल्व लर्निंग सॉल्यूशन फाउंडेशन के राहुल दा ने प्रभात खबर से विशेष बातचीत में बताया कि 63 स्कूलों का डाटा नहीं आ रहा है. स्कूल प्रधान को निर्देशित किया गया है. सुलतानगंज से 99 स्कूलों का ही डाटा आ रहा है. पीयर लर्निंग कार्यक्रम सभी प्राथमिक और मवि में चलाया जा रहा है. बच्चों का एक ग्रुप बना निपुण लीडर को रोज एक घंटे पढ़ा कमजोर बच्चों को निपुण बनाना है.

सुलतानगंज के दो स्कूल बने मार्गदर्शी स्कूल

सुलतानगंज के दो स्कूलों को मार्गदर्शी स्कूल बनाया गया है. अन्य स्कूल बेहतर कार्य का अनुश्रवण करेंगे. मार्गदर्शी स्कूल में शांति देवी मुरारका बालिका मवि और मवि अकबरनगर को बनाया गया है. शांति देवी मवि में स्कूल प्रधान सुनील गुप्ता ने बताया कि मार्गदर्शी स्कूल बनाने के बाद काफी सुधार हुआ है. निपुण लीडर वर्ग कक्षा का संचालन पीयर लर्निंग के माध्यम से सही से किया जा रहा है. दीक्षा आनंद, साक्षी प्रिया, साक्षी भारती, खुशी कुमारी निपुण लीडर बच्चों में लेवल जीरो से लेवल पांच तक बांट कर निपुण करने को लेकर कई तरह से कार्य कर रहे हैं.

47 बच्चों को अक्षर ज्ञान नहीं

मार्गदर्शी स्कूल बनने के बाद शांति देवी मवि में 47 बच्चे ऐसे थे, जिनको अक्षर ज्ञान नहीं था. छह माह में उन्हें अक्षर ज्ञान करया गया. स्कूल प्रधान सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि अष्टम क्लास के कई ऐसे बच्चे थे, जिन्हें अक्षर ज्ञान नहीं था. लेवल में बांटकर निपुण बनाया जा रहा है. बच्चे खेल-खेल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. मार्गदर्शी स्कूल के बेहतर कार्य से अन्य स्कूल को प्रेरणा लेंगे. इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है. भाषा एवं गणित से जुड़े पाठ्यक्रम पर ग्रुप में कक्षा आयोजित कर लर्निंग में संवादात्मक प्रक्रिया से छात्र एक दूसरे से जुड़ते हैं.

निपुण भारत के उद्देश्य को पूरा करने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा हुई.

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By Prabhat Khabar News Desk

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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