विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के दौरान सुलतानगंज में बुधवार को आस्था और भक्ति का ऐसा अलौकिक नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया. पटना सिटी के 'श्री-श्री विशाल शिवधारी कांवर संघ' की 54 फीट लंबी और लगभग 300 किलोग्राम वजनी भव्य कांवर जब पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा नदी से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना हुई, तो पूरा मेला क्षेत्र "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा.
500 से अधिक कांवरियों का जत्था, 50 से ज्यादा महिलाएं शामिल
ढोल-मंजीरा की थाप और शिव भजनों के बीच केसरिया रंग के वस्त्रों में सजे 500 से 600 शिवभक्तों का जत्था आगे बढ़ता रहा. इस पावन यात्रा में 50 से अधिक महिला कांवरियों ने भी भाग लिया:
- एक साथ 9 कांवरिया देते हैं कंधा: कांवर में सभी श्रद्धालुओं के जलपात्र क्रमबद्ध तरीके से लगाए गए हैं. इसकी विशालता को देखते हुए एक साथ नौ कांवरिया बारी-बारी से इसे अपने कंधे पर उठाकर यात्रा तय कर रहे हैं.
- 54 किलो चांदी से बढ़ी भव्यता: संघ के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 2025 से इस कांवर में 54 किलो चांदी भी समर्पित की गई है, जिससे इसकी अलौकिकता और बढ़ गई है. कांवर पर भगवान शिव, माता पार्वती, श्री गणेश, बजरंगबली और मां काली की सजीव और भव्य झांकियां श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही थीं.
वर्ष 2008 से अनवरत जारी है यह परंपरा
संघ के अध्यक्ष विनोद बाबा ने बताया कि उनकी संस्था वर्ष 2008 से लगातार सुलतानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जा रही है:
अध्यक्ष विनोद बाबा का बयान: "यह 54 फीट की कांवर केवल बांस और लकड़ी का ढांचा मात्र नहीं है, बल्कि यह सैकड़ों भक्तों की अटूट श्रद्धा, विश्वास और बाबा भोलेनाथ के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है. बाबा के दरबार से आज तक कोई खाली हाथ नहीं लौटा है."
शुक्रवार को बाबाधाम में जलार्पण का संकल्प
मार्ग के दोनों ओर खड़े हजारों श्रद्धालु इस भव्य व विशाल कांवर की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखे और अपने मोबाइल में तस्वीरें कैद करते नजर आए. श्रद्धालुओं का यह विशाल जत्था शुक्रवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ गया है.
