Bhagalpur News: भागलपुर के मौलानाचक स्थित सुप्रसिद्ध सूफी संत हजरत मौलाना शहबाज मोहम्मद रहमतुल्लाह अलैह के 399वें उर्स-ए-पाक का शुक्रवार की शाम झंडोत्तोलन के साथ शुभारंभ हुआ. मस्जिद परिसर में कुरानखानी के बाद रात में मजार शरीफ पर फातिहा अदा की गई. इसके बाद नातिया और मुशायरा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए.
तीन दिनों तक होंगे धार्मिक कार्यक्रम
उर्स के दूसरे दिन शनिवार को दरगाह शरीफ पर चादरपोशी की जाएगी. इसके बाद देर रात धार्मिक जलसा आयोजित होगा. रविवार को सज्जादानशीन की गद्दी पर महफिल-ए-शमा का आयोजन होगा. वहीं शाहजहानी मस्जिद में कुरानखानी और सामूहिक दुआ भी होगी. सभी कार्यक्रम सज्जादानशीन सैयद शाह इंतेखाब आलम शहबाजी की अध्यक्षता में आयोजित किए जा रहे हैं.
देश-विदेश से पहुंच रहे हैं जायरीन
उर्स-ए-पाक में गुजरात, दिल्ली, मुंबई, झारखंड, पश्चिम बंगाल, नेपाल और बांग्लादेश सहित बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंच रहे हैं. आयोजन समिति के अनुसार तीन दिनों तक दरगाह परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहने की संभावना है.
सुरक्षा के किए गए पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए दरगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक इंतजाम किए गए हैं. विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जा रही है. आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए स्वयंसेवकों की भी तैनाती की गई है.
500 साल पुरानी है खानकाह की परंपरा
मदरसा जामिया शहबाजिया के हेड शिक्षक मुफ्ती फारूक आलम अशरफी ने बताया कि करीब 500 वर्ष पुरानी इस खानकाह ने हमेशा प्रेम, भाईचारा और शिक्षा का संदेश दिया है. उन्होंने बताया कि इतिहास में कई बादशाह भी यहां दुआ लेने पहुंचे थे. वर्ष 2027 में हजरत का 400वां उर्स-ए-पाक विशेष रूप से मनाया जायेगा, जिसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गयी हैं.
यूपी समेत कई राज्यों के उलेमा होंगे शामिल
Bhagalpur News: शनिवार के मुख्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मौलाना मुफ्ती मोहम्मद कमरूउद्दीन सकाफी तकरीर करेंगे. नातिया कार्यक्रम में झारखंड के मुबारक हुसैन, कोलकाता के अब्बास रजा नूरी और इश्तियाक रहबर अपनी प्रस्तुति देंगे. कार्यक्रम का संचालन कानपुर के सैयद वारिस चिश्ती करेंगे.
