Bhagalpur News. सिटी में हर घर पानी पहुंचाने वाली योजना जलापूर्ति फेज-2 के लिए 32 करोड़ जारी, काम को मिलेगी गति

जलापूर्ति योजना के लिए 32 करोड़जारी.

-प्रभात खबर में छपी खबर पर यूडीएचडी ने लिया संज्ञान, जारी किया फंड, पैसे के अभाव में अटकी योजना को अब मिलेगी संजीवनी

-अब देनदारी की बची 87.67 करोड़ राशि मिले, तो बचा हुआ पांच प्रतिशत कार्य भी जल्द हो सकेगा पूराप्रभात खबर में ””””मई तक योजना पूरी होने पर संशय, दो फेज के 195.99 करोड़ नहीं मिले, नगर विकास विभाग में रुकी है फाइल”””” शीर्षक से छह फरवरी को खबर प्रकाशित हुई थी. खबर छपने के साथ नगर विकास और आवास विभाग, पटना (यूडीएचडी) ने जलापूर्ति योजना फेज-2 के लिए फंड जारी किया है. इस योजना के लिए दिसंबर 2025 से फंड जारी नहीं हुआ था, जिसका सीधा असर योजना की कार्य प्रगति पर पड़ा था. यह शहर में हर घर तक नल का जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना है. यूडीएचडी ने फेज-2 को पूरा करने के लिए 32 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है.

जलापूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नगर निगम, भागलपुर में एशियन डेवलपमेंट बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त कर जलापूर्ति फेज-02 को 235.57 करोड़ रुपये की लागत से सितंबर 2017 में स्वीकृति दी गयी थी, जिसका कार्यान्वयन बुडको द्वारा किया जा रहा है. इस योजना के कार्यान्वयन पर अब तक 134.215 करोड़ रुपये व्यय किये जा चुके हैं.

2 मई 2023 को एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा फेज-2 की लोन अवधि समाप्त होने के बाद अवशेष कार्यों की वर्तमान अनुमानित लागत 331.35 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गयी और शेष कार्यों को राज्य योजना मद से पूरा कराने की मंजूरी दी गयी. राज्य योजना से 208 करोड़ 67 लाख रुपये आवंटित किये जाने हैं, जिसके विरुद्ध अब तक 89 करोड़ रुपये आवंटित किये जा चुके हैं. इससे पहले आखिरी बार दिसंबर 2025 में 20 करोड़ रुपये मिले थे. योजना को पूरा करने के लिए अभी भी 87.67 करोड़ की देनदारी है. इसके जारी हुए बिना योजना पूरी नहीं हो सकेगी. जितनी जल्दी राशि मिलेगी, उतनी तेजी से कार्य पूरा हो सकेगा.

फेज-1 को मार्च 2024 से नहीं मिली है राशि, अभी भी देनदारी 76.32 करोड़

जलापूर्ति फेज-1 के लिए मार्च 2024 से राशि नहीं मिली. अभी भी इस योजना पर 76.32 करोड़ की देनदारी बाकी है. आखिरी बार मार्च 2024 में 15 करोड़ मिला था. इस परियोजना को अबतक कुल 70 करोड़ की राशि जारी हुई है. यह पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति 299.41 करोड़ है और राज्य योजना मद से आवंटन योग्य 146.32 करोड़ राशि है.

पहले फेज में 10, तो दूसरे में 05 प्रतिशत काम शेष

फंड के अभाव में काम की गति धीमी रही है, जिससे योजना अधर में लटकी है. हालांकि प्रशासनिक दबाव के चलते पिछले छह महीनों में करीब 10 प्रतिशत काम कराया गया, जिससे फेज-1 का कार्य लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इसके बावजूद फेज-2 में अभी भी करीब 5 प्रतिशत काम अधूरा है.

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