Bhagalpur News: विक्रमशिला विवि के लिए अंतीचक व मलकपुर से 187 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण

सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन की रिपोर्ट की जांच के आधार पर जारी किया चिह्नित जमीन के लिए अधिसूचना

– बिहार सरकार एवं शिक्षा विभाग के खाते की भूमि को इसमें नहीं किया जायेगा शामिल- अधिग्रहण केवल रैयती और अनावाद सर्व साधारण की भूमि का होगा

– सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन की रिपोर्ट की जांच के आधार पर जारी किया चिह्नित जमीन के लिए अधिसूचना- अधिग्रहित जमीन ज्यादातर भीठ-2 प्रकार की, सड़क और बिजली आपूर्ति पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा

वरीय संवाददाता, भागलपुर

ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पास केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना ने कहलगांव के अंतीचक मौजा में जमीन अधिग्रहण के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी है. इस परियोजना के लिए कुल 187.785 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी, जिसमें अंतीचक मौजा से 92.15 एकड़ और मलकपुर मौजा से 95.615 एकड़ जमीन शामिल है. अधिग्रहण केवल रैयती और अनावाद सर्व साधारण की भूमि का होगा. बिहार सरकार एवं शिक्षा विभाग के खाते की भूमि को इसमें शामिल नहीं किया जायेगा.

कहलगांव के मौजा अंतीचक में कुल 215.355 एकड़ भूमि इस सार्वजनिक परियोजना के लिए अपेक्षित है. इस संबंध में एसआइए इकाई द्वारा सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट भी सौंप दी गयी है. रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित परियोजना से किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं होगा. परियोजना क्षेत्र में कोई स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, पोस्ट ऑफिस, संकुल संसाधन केंद्र, खेल मैदान, बाजार, धार्मिक स्थल या सरकारी इमारतें नहीं हैं. सड़क और बिजली आपूर्ति पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा.

स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ

यह परियोजना अंतीचक और मलकपुर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को उच्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायक होगी. इससे क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी और कृषि व व्यापारिक वर्ग विशेष रूप से लाभान्वित होंगे. इन क्षेत्रों का शहरीकरण होगा और जनसंख्या शहरी संस्कृति से प्रभावित होगी.

भूमि अधिग्रहण योजना का होगा निरीक्षण

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस भूमि अधिग्रहण योजना का निरीक्षण जिला भू-अर्जन पदाधिकारी करेंगे. इस प्रक्रिया के तेज होने से जल्द ही केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा.

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Author: SANJIV KUMAR

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