भागलपुर में बनेगा देश का चौथा रिंगिंग स्टेशन

भागलपुर : नवगछिया समेत जिले में प्रत्येक वर्ष तय समय पर प्रवासी पक्षी आते हैं. इन प्रवासी पक्षियों को देख दिमाग में कई सवाल उभरने लगते हैं, जैसे किस देश से यह आये हैं. इन पक्षियों ने कितनी दूरी तय की है. यात्रा के दौरान कहां-कहां विश्राम किया आदि. इन प्रश्नों का जवाब हर कोई […]

भागलपुर : नवगछिया समेत जिले में प्रत्येक वर्ष तय समय पर प्रवासी पक्षी आते हैं. इन प्रवासी पक्षियों को देख दिमाग में कई सवाल उभरने लगते हैं, जैसे किस देश से यह आये हैं. इन पक्षियों ने कितनी दूरी तय की है.

यात्रा के दौरान कहां-कहां विश्राम किया आदि. इन प्रश्नों का जवाब हर कोई अपने-अपने हिसाब से देता है, जो सच्चाई से काफी दूर होता है. अब ऐसे सवालों का जवाब आसानी से मिलने वाला है. मुंबई प्राकृतिक इतिहास सोसाइटी (बीएनएचएस ) और बिहार सरकार के बीच सोमवार को गुजरात के गांधीनगर में समझौता हुआ है.
अप्रैल माह में जिले में उत्तर भारत का पहला व देश का चौथा रिंगिंग स्टेशन बनेगा. इस पर पांच करोड़ का खर्च होंगे. गांधीनगर में आयोजित सेमिनार में 130 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए. सबसे बेहतर एजेंसी मुंबई प्राकृतिक इतिहास सोसाइटी से समझौता किया गया है. सेमिनार में भागलपुर से जिला वन पदाधिकारी एस सुधाकर मौजूद थे.

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