मेयर : काम व खर्च की जानकारी दें नगर आयुक्त : आरटीआइ में जाइये
भागलपुर : पिछले कुछ माह तक लगा कि अब निगम में सब कुछ सामान्य तरीके से चलेगा. यह दिखा भी. लेकिन मंगलवार को सामान्य बोर्ड की बैठक के बाद सब कुछ फिर से असमान्य दिखने लगा है. निगम की बैठक में पार्षदों ने निगम की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाये, तो नगर आयुक्त ने उन्हें […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
भागलपुर : पिछले कुछ माह तक लगा कि अब निगम में सब कुछ सामान्य तरीके से चलेगा. यह दिखा भी. लेकिन मंगलवार को सामान्य बोर्ड की बैठक के बाद सब कुछ फिर से असमान्य दिखने लगा है. निगम की बैठक में पार्षदों ने निगम की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाये, तो नगर आयुक्त ने उन्हें कड़ा जवाब भी दिया.
डेढ़ बजे के पहले निगम सामान्य बोर्ड की बैठक शुरू होते ही पार्षदों ने सफाई, योजना, डीप बोरिंग सहित कई योजनाओं के धरातल पर नहीं उतरने को लेकर नगर आयुक्त जे प्रियदर्शनी, उप नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर, बुडको के अधिकारी और बैठक में उपस्थित निगम के शाखा प्रभारियों को सवालों की झड़ी लगा घेर लिया. सवालों के जवाब में नगर आयुक्त ने कहा कि काम हो रहा है, पर यह कोई मैजिक नहीं है, इस पर सब पार्षद बोलने लगे. सबका कहना था कि उन्हें लोगों के बीच जाना होता है अधिकारियों को नहीं, फिर क्यों नहीं काम हो रहा.
अंतत: बिना किसी खास निर्णय के दिन के डेढ़ बजे के आसपास बैठक संपन्न हो गयी. पहले नगर आयुक्त बैठक पूरा होने से पहले ही निकल गयीं, इसके बाद मेयर, डिप्टी मेयर व अन्य पार्षद भी चले गये. इसके बाद भी मेयर द्वारा जारी विज्ञप्ति ने इस बैठक को और विवादास्पद बना दिया. मेयर ने बैठक के बाद मीडिया को जारी एक विज्ञप्ति में सामान्य बोर्ड की बैठक को ही रद्द करार दे दिया. हालांकि पूर्व डिप्टी मेयर प्रीति शेखर ने इसका प्रतिवाद करते हुए कहा कि यह गलत है. हालांकि बैठक सही तरीके से नहीं होने के कारण अधिकांश पार्षदों में नाराजगी रही.
सफाई व्यवस्था पर रेहाना को घेरा : मौके पर सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल पूछे गये. इस पर स्वच्छता प्रभारी मो रेहान ने अपना पक्ष रखा. इस पर पार्षदों ने पूछा कि ठेला तक खराब है. पार्षद अपने पैसे से सामान ठीक कराते हैं, वार्ड में झाडू तक नहीं है.
प्रीति शेखर ने पूछा, चार की जगह अब दो ही ट्रिप कचरा उठता है, दो का पैसा कहां जाता है : पूर्व डिप्टी मेयर सह पार्षद डॉ प्रीति शेखर ने सफाई व्यवस्था पर कहा कि शहर में कूड़ा का उठाव सही तरीके से नहीं हो रहा है. जिस डस्टबिन में कूड़ा रहता है व दो दिनों तक पड़ा रहता है. उन्होंने कहा कि पहले लॉग बुक भरा जाता था, अब नहीं भरा जाता है. पहले मुख्य मार्ग में चार ट्रिप कूड़ा का उठाव होता था, अब बस दो ट्रिप ही होता है, दो ट्रिप का पैसा कहां जाता है.
गाेशाला जलमीनार का आज नगर आयुक्त करेंगी स्थल निरीक्षण : पार्षदों ने बैठक में 19 बोरिंग के कार्य स्थिति के बारे में जानकारी मांगी, तो जलकल अधीक्षक ने मेयर, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त और सभी पार्षदों को इसके बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 19 में से 13 बोरिंग का काम हो गया है. डिप्टी मेयर ने कहा कि इसे कब चालू किया जायेगा, तो बताया कि दो माह में चालू कर दिया जायेगा. वहीं, पूर्व डिप्टी मेयर ने गोशाला जल मीनार और संप हाउस अभी तक चालू नहीं किये जाने को लेकर जानकारी मांगी, तो जलकल अधीक्षक हरेराम चौधरी ने अपनी बात रखी. इस पर कहा गया कि वह चालू होगा कि नहीं इस पर हां या न में जवाब दें, तो उन्होंने कहा कि बुधवार को नगर आयुक्त गोशाला जलमीनार का स्थल निरीक्षण करेंगी.
जलापूर्ति पर बुडको की सफाई : जलापूर्ति योजना के पहले फेज का बंद काम अभी तक चालू नहीं होने को लेकर पार्षदों ने सवाल किया. इस पर बुडको के कार्यपालक अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि जलापूर्ति योजना के काम को लेकर 28 नवंबर को पटना में बोर्ड की बैठक होगी. इसमें काम को लेकर निर्णय किया जायेगा.
हर वार्ड का कूड़ा वहीं होगा निस्तारित : सफाई व्यवस्था पर सिटी मैनेजर रविश प्रसाद वर्मा ने कहा कि शहर के हर वार्ड में कूड़ा निस्तारण होगा. इसको लेकर प्लान निगम द्वारा तैयार किया जा रहा है. इस पर तेजी से काम चल रहा है.
बैठक के बाहर निर्णय का क्या मतलब : डॉक्टर प्रीति शेखर ने कहा कि बैठक शुरू होने से लेकर मेयर द्वारा बैठक समाप्ति की घोषणा तक मैं सदन में मौजूद थी. बैठक में सभी पार्षदों द्वारा पूर्व में पारित प्रस्ताव के अनुपालन के विषय में चर्चा की गयी. अलग बात है कि नये प्रस्तावों पर चर्चा नहीं की गयी. लेकिन बैठक रद्द ही की गयी, तो महापौर ने इसकी जानकारी क्यों नहीं दी. यह समझ से परे है. बोर्ड सर्वोपरि होता है. सदन को बिना जानकारी दिये किसी भी जिम्मेदार लोगों द्वारा अलग से कोई निर्णय लेने का मैं विरोध करती हूं.