भागलपुर : पूर्व बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी विकराल बनी हुई है. गंगा, कोसी, महानंदा, वरंडी, कारी कोसी, हरूहर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. सहरसा के सौरबाजार प्रखंड क्षेत्र कई पंचायतों में बाढ़ है. कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गयी हैं. चकला चौक से कचरा बाजार जाने वाली सड़क बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. इधर, मधेपुरा के पुरैनी प्रखंड के प्रखंड की वंशगोपाल पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 13 टापू में तब्दील हो गया है. इधर, कटिहार जिले के आधा दर्जन प्रखंडों की दर्जनों पंचायतों की हालत खराब है.
लाखों लोग बेहाल, राहत का इंतजार
भागलपुर : पूर्व बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी विकराल बनी हुई है. गंगा, कोसी, महानंदा, वरंडी, कारी कोसी, हरूहर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. सहरसा के सौरबाजार प्रखंड क्षेत्र कई पंचायतों में बाढ़ है. कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गयी हैं. चकला चौक से कचरा बाजार जाने वाली सड़क बने […]

इस बीच बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में बाढ़ पीड़ितों की राहत सामग्री नहीं मिलने से जमकर हंगामा किया. पर्याप्त सामग्री नहीं मिलने से धीरे-धीरे बाढ़ पीड़ितों में आक्रोश पनप रहा है. वहीं, नवगछिया की इस्माइलपुर बिंद टोली के बीच स्पर संख्या नौ पर नदी का भीषण कटाव शुरू हो गया है. इसका अागे की बोल्डर पिचिंग का हिस्सा कट कर नदी में समा गया है.
इधर, गोसाईंगांव स्थित जमींदारी बांध पर भी दबाव बना हुआ है. हालांकि अभी तक वहां की स्थिति नियंत्रण में है. लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण कभी भी बांध क्षतिग्रस्त हो सकता है. वहीं, कोसी व पूर्व बिहार के क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर डूबने से छह लोगों की मौत हो गयी है. मधेपुरा में एक, कटिहार में एक, सहरसा में दो, जमुई में एक व मधेपुरा में एक की मौत डूबने से हो गयी.
नदी में चार बहे, डूबने से महिला व बच्ची की मौत
वजीरगंज (गया). वजीरगंज प्रखंड की अमैठी पंचायत स्थित आरोपुर के निकट बहने वाली जकोहरी नदी में बुधवार की सुबह नहाने गये तीन बच्चे व एक महिला पानी में बह गये. इसमें एक बच्चे को बचा लिया गया, जबकि महिला व एक बच्ची के शव नदी से बरामद किये गये.
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे आरोपुर निवासी वीरेंद्र सिंह की 60 वर्षीया पत्नी रीना देवी, वीरेंद्र सिंंह के साले की बेटी 12 वर्षीया आरती कुमारी, पिंटू सिंह के दो पुत्र नौ वर्षीय पीयूष व 10 वर्षीय शिवम जकोहरी नदी के निकट पुल के नीचे गये. बच्चे नदी के पानी में नहाने को उतर गये. एक बच्चा आगे बहने लगा, उसे पकड़ने के क्रम में महिला व अन्य बच्चे उसे बचाने के लिए नदी में उतर गयी.
बोट पलटी, एनडीआरएफ की टीम ने तीन मजदूरों को बचाया
ठकराहा (पचं). अमवा खास तटबंध के पास बने पीपा पुल की मरम्मत करने मोटर बोट से जा रहे तीन मजदूर बोट पलटने के दौरान नदी में डूबने लगे. जीवन व मौत से लड़ रहे तीनों मजदूरों को एनडीआरएफ की टीम ने बचा लिया. एपी तटबंध के समीप पीपा पुल की मरम्मत करने तीन मजदूर मोटर बोट से रवाना हुए. गंडक नदी की धारा में लहरों के बीच अचानक उनकी बोट पलट गयी, जिससे वे नदी में डूबने लगे.
एनडीआरएफ के उप कमांडेंट पीएल शर्मा ने बताया कि समय से सभी कर्मी घटनास्थल पर पहुंच कर डूब रहे तीनों मजदूरों को सकुशल बचा लिया. इस दौरान एनडीआरएफ के निरीक्षक डीपी चंद्रा व अमोल कुमार, उप निरीक्षक विक्रम सिंह, सहायक उप निरीक्षक शेषनाथ राय व अन्य बचाव कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. डूबने की खबर पर तटबंध पर आस पास के सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गयी. सभी ने एनडीआरएफ के जवानों के कार्यों का सराहा.
नालंदा में 50 हजार आबादी पानी से घिरा
बिंद (नालंदा). बिंद में बाढ़ से लगभग 50 हजार आबादी घिरी हुई है. उतरथु, दरियापुर, सतकपुर, जमसारी, अहियाचक, बिशुनपुर टोला, नौरंगा गोविन्दपुर, बिंद, लालूविगहा, जक्की, कथराही, कुशहर, इशवरचक सहित कई गावों में पानी घुसा है. एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम लोगों को रहात पहुंचा रही है. जिरायन नदी की कहर से दर्जनों गावों के लोग घरों मे कैद हो गये हैं. प्रखंड व जिला मुख्यालय से कई गांवों का संपर्क टूट गया है. वहीं, बिंद-सकसोहरा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है. 10 स्थानों पर जिरायन नदी का तटवंध टूट गया है.