भागलपुर : राहत सामग्री के लिए दौड़ रहे मां बेटे की कटने से दर्दनाक मौत

अकबरनगर (भागलपुर) : भागलपुर जिले के गंगापुर गांव के जलमग्न हो जाने से वहां के लगभग 400 बाढ़ पीड़ित परिवार अकबरनगर-महेशी के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे चार दिनों से शरण लिये रह रहे थे. इसी गांव की अंजू देवी अपने बेटे व बेटी के साथ रेलवे लाइन पर पॉलीथिन टांग कर रह रही थी. […]

अकबरनगर (भागलपुर) : भागलपुर जिले के गंगापुर गांव के जलमग्न हो जाने से वहां के लगभग 400 बाढ़ पीड़ित परिवार अकबरनगर-महेशी के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे चार दिनों से शरण लिये रह रहे थे. इसी गांव की अंजू देवी अपने बेटे व बेटी के साथ रेलवे लाइन पर पॉलीथिन टांग कर रह रही थी. शरण लेने के बाद पहले दिन एक किलो चूड़ा मिला था.
वह खत्म हो जाने के बाद अंजू का परिवार भूखे-प्यासे से तड़प रहा था. मंगलवार को अंजू को जैसे ही पता चला कि सड़क पर चूड़ा बंट रहा है तो वह अपनी बेटी को तंबू में छोड़ बेटे के साथ चूड़ा लेने निकल गयी. पीछे से आ रही ट्रेन ने मां और बेटे को रौंद दिया. दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी.
बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि हमें न तो पॉलीथिन मिली और न ही राहत कैंप में ले जाने की कोई व्यवस्था ही हुई है. यदि समय पर राहत सामग्री मिल जाती तो अंजू और उसके बेटे की इस तरह मौत नहीं होती. ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि जहां-जहां बाढ़ पीड़ित शरण लिये हैं, वहां ट्रेन कम रफ्तार कम की जाये.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >