भागलपुर : पांच दिनों की बारिश से सबसे ज्यादा बुरा असर सड़कों पर पड़ा है. जगह-जगह पर सड़क और इंटरलॉकिंग धंसकने, गड्ढों व किनारों के दरकने से कराेडों की राशि मरम्मत पर खर्च होगी. इससे राहगीरों की परेशानी बढ़ी है तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं. हाल ही में बने स्थायी बाइपास जिसका उद्घाटन तक अभी नहीं हुआ है वह भी कई जगह टूट गयी है. टूटी सड़कों ने अगर शहरवासियों की मुश्किलों को बढ़ा दी है, तो बाइपास पर भारी वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है.
छह दिन की बारिश भी नहीं झेल सकीं बाइपास सहित 120 करोड़ की सड़कें, टूटी
भागलपुर : पांच दिनों की बारिश से सबसे ज्यादा बुरा असर सड़कों पर पड़ा है. जगह-जगह पर सड़क और इंटरलॉकिंग धंसकने, गड्ढों व किनारों के दरकने से कराेडों की राशि मरम्मत पर खर्च होगी. इससे राहगीरों की परेशानी बढ़ी है तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं. हाल ही में बने […]

छह दिन की बारिश भी नहीं झेल सकीं बाइपास सहित 120 करोड़ की सड़कें, टूटी
बाढ़ में डूबनेवाली सड़कों का नामोनिशान नहीं: बाढ़ में डूबने वाली सड़कों का नामोनिशान तक नहीं बचा है. खानकित्ता से घोषपुर के बीच कई जगहों पर हाइवे बाढ़ में बह गयी है. भागलपुर-सुलतानगंज के बीच भी बाढ़ का पानी चढ़ने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गयी है. टपुआ में सड़क डूबी हुई है, तो पीरपैंती में भी पीडब्ल्यूडी की सड़क पर दो से ढाई फीट पानी बह रहा है, जिससे सड़क पूरी तरह से बर्बाद हो गयी है.
सड़कों का काम रुका: बारिश की वजह से करोड़ों की लागत से बन रही दर्जनों सड़कों का काम रुका है. इनमें से सबौर से रमजानीपुर, घूरनपीर बाबा चौक से कचहरी चौक, घूरनपीर बाबा चौक से आदमपुर होकर चंपानगर आदि ओपीआरएमसी की सड़कों के निर्माण में देरी हो सकती है. इन सड़कों का निर्माण 110 करोड़ की राशि हो रहा है.