भागलपुर : ऊपरवाले के दरबार में कुछ इस तरह भी हाजिरी लगायी जा सकती है. बिगड़े स्वास्थ्य ने हज पर जाने की इजाजत नहीं दी, तो हज यात्रा के लिए जुटाये पैसे समाज के गरीब पिता की बेटियों के निकाह पर खर्च कर दिये. करीब 500 लोगों को भोजन कराया और बेटियों को जीवन भर खुशहाल रहने की दुआ देते हुए रुखसत किया.
बेटियां विदा हो रही थीं, तो सिर्फ चारों गरीब मां-बाप के ही आंसू नहीं बह रहे थे, बल्कि हाजी मो मंसूर अली वारसी की भी आंखें भीगी थीं. मो वारसी मोअज्जमचक के रहनेवाले हैं. अब तक पांच बार हज कर चुके हैं.
छठी यात्रा बेटियों की विदाई के रूप में की. मो वारसी ने अपने पूरे खर्च से चार मुस्लिम जोड़े की रविवार को पनसल्ला चौक स्थित क्रिसेंट इंगलिश स्कूल में शरियत के मुताबिक शादी करवायी. खानकाह-ए-शहबाजिया के कारी अबुल कलाम ने चारों जोड़ों का निकाह पढ़ाया. कटिहार, पुरैनी, हबीबपुर व घोघा से बरात आयी थी. जरूरी दान-दहेज के साथ दूल्हे व दुल्हन को दुआ देकर रुखसत किया. खुशी की इस बेला में 500 लोगों ने भोजन किया.
हाजी मो मंसूर अली वारसी सिल्क के व्यवसायी हैं. उनका मानना है कि ऐसे नेक कामों के लिए अल्लाह बंदों को चुनते हैं. आगे भी जिदंगी रही, तो गरीब व असहाय परिवार की मुस्लिम लड़कियों की शादी अपने खर्चे से करवाते रहेंगे. सामूहिक शादी में छह जोड़े का निकाह होना था. शाहजंगी व मोहबल्लीचक से लड़का व लड़की पक्ष के नहीं आने से चार जोड़े का ही निकाह हो पाया.
शादी में दिये जरूरी सामान: शादी करने वाले जोड़ा को हाजी मो मंसूर अली वारसी ने पलंग, सोफा, बक्सा, जोड़े का कपड़ा, जूता आदि जरूरी सामान दिये, ताकि शादीशुदा जिंदगी की बेहतर शुरुआत हो. सामूहिक शादी में शामिल होने के लिए शाहजंगी, हबीबपुर, चमेलीचक, मोअज्जमचक, मौलानाचक, गनीचक आदि मोहल्ले से लोग आये थे. उनलोगों को भोज में बिरयानी खिलायी गयी.
शादी की दो माह से चल रही थी तैयारी: हाजी मो मंसूर अली वारसी के नजदीकी लोगों ने बताया कि दो माह से शादी की तैयारी की जा रही थी. लड़का व लड़की के घर जाकर उनकी माली हालत की जानकारी ली गयी. संबंधित मुखिया व सरपंच से लड़की व लड़का पक्ष को लेकर शपथ पत्र लिये गये. पूरी जानकारी के बाद होने के बाद उन जोड़ों का शादी के लिए चयन किया गया.
इनके हुए निकाह
कटिहार शरीफगंज के मो शमशाद का निकाह लोदीपुर की नजमा खातून से हुआ
पुरैनी के मो इम्तियाज का निकाह मोमीन टोला हबीबपुर की बीबी सुफिया से हुआ
ख्वासपुर घोघा के मो एकराम का निकाह नाथनगर के बीबी चांदनी से हुआ
हबीबपुर मोमीन टोले के मो सईद अंसारी का उसी टोले की बीबी रोशन से हुआ
