शहर के 80 फीसदी क्षेत्रों में पेयजल संकट

भागलपुर : शहर के 51 वार्डों में कोई ऐसा मोहल्ला नहीं है, जहां पर पेयजल संकट न हो. 80 फीसदी क्षेत्रों में पेयजल संकट है. कहीं निजी साधन से पानी ले रहे हैं, तो कहीं इस भीषण गर्मी में भी पानी के लिए कदमताल करना पड़ रहा है. वार्ड 21, 18 और 19 के विभिन्न […]

भागलपुर : शहर के 51 वार्डों में कोई ऐसा मोहल्ला नहीं है, जहां पर पेयजल संकट न हो. 80 फीसदी क्षेत्रों में पेयजल संकट है. कहीं निजी साधन से पानी ले रहे हैं, तो कहीं इस भीषण गर्मी में भी पानी के लिए कदमताल करना पड़ रहा है. वार्ड 21, 18 और 19 के विभिन्न मोहल्लेै में तो चार दिनों से पानी नहीं पहुंचा.

दक्षिणी क्षेत्र के 12 मोहल्ले में संकट
दक्षिणी क्षेत्र के मिरजानहाट, मोहद्दीनगर, वारसलीगंज, रामनगर, महमदाबाद, सिकंदरपुर, काजीचक, हसनगंज, नया टोला-हुसैनाबाद समेत 12 मोहल्ले में छह माह से पेयजल संकट है. वार्ड 44 में तो पार्षद खुद सार्वजनिक बोरिंग से पानी लाते हैं.
पश्चिमी क्षेत्र में बुनकर परेशान
पश्चिमी क्षेत्र में साहेबगंज, नरगा, चंपानगर, नाथनगर, सलाटर, गढ़ैया आदि क्षेत्रों में अधिकतर लोग कपड़ा बुनाई के धंधे से जुड़े हैं. उन्हें पीने के साथ-साथ कपड़े तैयार करने को लेकर भी पानी की जरूरत होती है. ऐसे में उनके धंधे पर 50 फीसदी तक असर पड़ रहा है. कंपनीबाग के लोगों को भैरवा तालाब के समीप से पानी लाना पड़ रहा है, तो कंपनीबाग में रहने वाले छात्रों को मारवाड़ी कॉलेज मुख्य मार्ग के समीप से पानी लाना पड़ रहा है.
बूढ़ानाथ क्षेत्र में हाहाकार
बूढ़ानाथ रोड में चार दिनों से पानी नहीं आया है.
एसएसपी से लेकर थानाध्यक्ष समेत रेलवे पुलिस और अधिकारियों को किया गया पत्राचार

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