भागलपुर : नगर क्षेत्र के सभी 51 वार्डों में सफाई व्यवस्था बदतर होती जा रही है. इसका मूल कारण संसाधनों की कमी है. इसे लेकर पार्षदों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सड़क पर उतरने का अल्टीमेटम दिया है.
कहीं भी नहीं हो रहा चूना-ब्लिचिंग का छिड़काव : पार्षदों का कहना है कि वार्ड के विभिन्न मोहल्ले में कूड़े-कचरे तो किसी तरह से उठ रहे हैं. गलियों का कूड़ा वैसे ही पड़ा रहता है.
दरअसल यहां पर कुदाल व अन्य संसाधन की कमी है. जिन स्थानों से कूड़ा का उठाव होता है, वहां पर बदबू समाप्त नहीं होती और उसका संक्रमण चारों तरफ फैलता है. वार्ड के लोग बार-बार शिकायत लेकर पहुंचते हैं और उनकी बात सुनकर चुप्पी साधना पड़ता है.
झाड़ू-ब्लिचिंग नहीं दिया, तो जोनल प्रभारी व वार्ड प्रभारी का वेतन रोका
नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा ने शुक्रवार को सभी जोनल प्रभारी व वार्ड प्रभारियों का वेतन रोकने के निर्देश स्वास्थ्य शाखा प्रभारी अजय शर्मा को दिये.
पार्षद गोविंद बनर्जी, प्रसेनजीत सिंह उर्फ हंसल सिंह एवं पार्षद प्रतिनिधि दीपक कुमार साह की शिकायत पर स्वास्थ्य शाखा प्रभारी अजय शर्मा को फटकार लगायी और कहा कि शनिवार को हरहाल में झाड़ू व ब्लिचिंग सभी वार्डों में दें. इससे सफाई व्यवस्था बदतर हो गयी है. साथ ही कहा कि यदि काम नहीं हो पा रहा है तो दूसरे योग्य को स्वास्थ्य शाखा प्रभारी बना देंगे.
नगर आयुक्त श्याम बिहारी मीणा ने योजना शाखा प्रभारी आदित्य जायसवाल को निर्देश दिया कि सबसे पहले बरारी सीढ़ी घाट में लोकल डंपिंग ग्राउंड तैयार किया जाये. इसके बाद बबरगंज, नाथनगर व लाजपत पार्क के समीप डंपिंग ग्राउंड तैयार किया जायेगा. यहां से ही कूड़ा उठाकर कनकैथी भेजा जायेगा.
पांच मार्च को उठायी थी मांग, लेकिन निगम प्रशासन ने नहीं दिखायी गंभीरता : पांच मार्च को नगर निगम में वार्षिक बजट पेश किया गया था. इसमें पार्षदों ने कई सवाल उठाये थे.
उन सवालों में पार्षदों ने यह भी पूछा था कि पिछले कई महीनों से वार्डों में चूना-ब्लिचिंग, झाड़ू, कुदाल, पंजा व अन्य सामग्री नहीं दी जा रही.
ऐसे में सफाई व्यवस्था पर पड़ रहे असर का जिम्मेदार कौन होगा. पार्षदों को तब कोई संतोषजनक जवाब तो नहीं मिला. लेकिन बैठक के बाद भी नगर निगम प्रशासन शहर में सफाई व्यवस्था पर संसाधन के अभाव में पड़ रहे असर को लेकर गंभीरता नहीं दिखायी.
आक्रोशित हैं पार्षद
बजट के समय भी मांग उठाये थे. यही स्थिति रही तो छोटी-छोटी बातों को लेकर भी पार्षदों को सड़क पर उतरना पड़ेगा.
प्रसेनजीत सिंह उर्फ हंसल सिंह, पार्षद, वार्ड 32
बार-बार नगर आयुक्त के कहने के बावजूद स्वास्थ्य शाखा में काम नहीं हो रहा है. सफाई व्यवस्था डंवाडोल हो गयी. नगर आयुक्त खुद परेशान हैं.
दीपक कुमार साह, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 49
वार्ड के विभिन्न मोहल्ले में सफाई व्यवस्था बदतर है. खासकर गलियों की स्थिति सबसे खराब है. ब्लिचिंग के छिड़काव नहीं होने से मुख्य मार्ग पर राहगीर परेशान रहते हैं.
गोविंद बनर्जी, पार्षद, वार्ड 25
