भागलपुर : एसबीआइ का आंचलिक कार्यालय भागलपुर से बेगूसराय शिफ्ट करने का हर तरफ विरोध शुरू हो गया है. आंचलिक कार्यालय बचाव संघर्ष समिति का गठन हुआ है. गुरुवार को आंचलिक कार्यालय बचाव संघर्ष समिति के बैनर तले सदस्यों ने एसबीआइ के मुख्य शाखा के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया. इसमें शहर के विभिन्न संगठनों के लोगों समेत महिलाओं, युवाओं, वकीलों, व्यवसायियों, पेंशनधारियों, शिक्षकों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही. बैंक अधिकारियों के विरोध में सभी ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया.
भागलपुर : आंचलिक कार्यालय शिफ्ट करने को लेकर गरमाया मुद्दा
भागलपुर : एसबीआइ का आंचलिक कार्यालय भागलपुर से बेगूसराय शिफ्ट करने का हर तरफ विरोध शुरू हो गया है. आंचलिक कार्यालय बचाव संघर्ष समिति का गठन हुआ है. गुरुवार को आंचलिक कार्यालय बचाव संघर्ष समिति के बैनर तले सदस्यों ने एसबीआइ के मुख्य शाखा के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया. इसमें शहर के विभिन्न संगठनों के […]

समिति के संयोजक प्रकाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि जोनल कार्यालय के लिए सड़क से संसद तक आंदोलन करना पड़ेगा तो समिति पीछे नहीं रहेगी. धरना प्रदर्शन के बाद सड़क जाम, घेराव, भागलपुर बंद किया जायेगा. मुख्यमंत्री से भी समिति मिलेगी. किसी हाल में जोनल कार्यालय को दूसरे शहर में शिफ्ट होने नहीं दिया जायेगा. समन्वयक प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि बैंक अधिकारी अपनी सुविधा के कारण इसे बेगूसराय ले जाने की चक्कर में है. पटना से बेगूसराय आने में दो से ढ़ाई घंटे लगते हैं.
पटना में एयरपोर्ट है. इससे बेगूसराय जाने में कनेक्टिविटी बेहतर है. इसे साजिश के तहत शिफ्ट किया जा रहा है. धरना पर बैठे लोगों ने कहा कि विगत चार दशकों से बैंक का आंचलिक कार्यालय भागलपुर में है. इन चार दशकों में भागलपुर में सुविधा बढ़ी है, घटी नहीं है. लेकिन कनेक्टिविटी व मूवमेंट कि समस्या बता कर ऑफिस को शिफ्ट करने का निर्णय भागलपुर को अपमानित करने वाला है.
बैंक के पदाधिकारी निजी सुविधा को ध्यान में रख कर भागलपुर को सुविधा विहीन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना रहा कि व्यवसायियों की बैठक में डीजीएम ने भागलपुर में हवाई अड्डा नहीं होने का हवाला देकर जोनल ऑफिस बंद करने की बात कही थी. यह न्यायोचित नहीं है.
एसबीआइ प्रबंधन से व्यवसायी जानना चाहते हैं कि क्या जहां हवाई अड्डा है वहीं, जोनल ऑफिस रहना चाहिए. बैंक से निर्णय को रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की मांग की गयी. भागलपुर में प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम, एसपी, डीआइजी, आइजी के कार्यालय हैं. कृषि विश्वविद्यालय, तिलकामांझी विश्वविद्यालय हैं. पूर्व बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल है. ऐसे में सुविधाओं की कमी का हवाला देकर कार्यालय को बंद करने का निर्णय अपमानजनक है.
डीजीएम से बात की कोशिश नाकाम : धरना-प्रदर्शन में शामिल लोगों ने एसबीआइ के प्रबंधन से बात करने का प्रयास किया मगर, डीजीएम उपलब्ध नहीं हैं, ऐसा बता दिया गया. इससे प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश देखा गया.
निर्णय नहीं बदला, तो आंदोलन : धरना कार्यक्रम के दौरान यह तय किया गया है कि यदि बैंक द्वारा आधिकारिक रूप से जाेनल ऑफिस बंद करने के निर्णय को नहीं बदला गया और इसकी घोषणा आने वाले दिनों में नहीं की गयी, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जायेगा. बैंक की तालाबंदी, पुतला दहन व भागलपुर बंद किया जायेगा.
इधर, स्थानांतरण पर रोक को ले सांसद के बयान को जीत बताया : इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने एसबीआइ के जोनल ऑफिस के बेगुसराय स्थानांतरण पर लगी रोक को जीत बताया और समर्थन में आये जनप्रतिनिधियों व लोगों को धन्यवाद दिया. अध्यक्ष शैलेंद्र सराफ ने कहा कि सबसे पहले चेंबर ने मांग उठायी और लगातार जोनल ऑफिस में रहे इसके लिए प्रयासरत रहे. उपाध्यक्ष जगदीशचंद्र मिश्र पप्पू ने बताया कि गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे व सांसद बुलो मंडल ने विशेष सहयोग किया. दुबे ने प्रयास को सफल होने की सूचना दूरभाष पर दी.