विश्व नि:शक्तता दिवस आज : पोलियो के शिकार हुए, पर हिम्मत नहीं हारी, राष्ट्रीय स्तर पर नौकायन में जीता गोल्ड

भागलपुर : नि:शक्तता जीवन में बाधा नहीं बन सकती. यह बात हकीकत के रूप में साबित कर दी सुधीर कुमार सुधांशु ने. बचपन में पोलियो के शिकार हो गये. इस कारण आज भी वे चलने में दिक्कत महसूस करते हैं. बावजूद इसके बीमारी लड़ते हुए और प्रतिस्पर्धा के लिए संघर्ष करते हुए नेशनल लेवल पर […]

भागलपुर : नि:शक्तता जीवन में बाधा नहीं बन सकती. यह बात हकीकत के रूप में साबित कर दी सुधीर कुमार सुधांशु ने. बचपन में पोलियो के शिकार हो गये. इस कारण आज भी वे चलने में दिक्कत महसूस करते हैं. बावजूद इसके बीमारी लड़ते हुए और प्रतिस्पर्धा के लिए संघर्ष करते हुए नेशनल लेवल पर आयोजित नौकायन प्रतियोगिता में एक से बढ़ कर एक धुरंधर खिलाड़ियों को नदी की धार में पीछे छोड़ते हुए गोल्ड जीत लाये. ऐसे कई मेडल और सर्टिफिकेट से भरा है सुधीर का घर.
कौन हैं सुधीर कुमार सुधांशु : कयाचिंग एवं केनोइंग के खिलाड़ी हैं सुधीर कुमार सुधांशु. राघोपुर (खरीक) के रहनेवाले हैं. सबौर कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के स्नातक पार्ट थ्री के छात्र हैं. सुधीर के पिता कपिलदेव मंडल खेतीबाड़ी कर जीवन-यापन करते हैं.
ऐसे किया संघर्ष
बचपन में सुधीर पोलियो के शिकार हो गये थे. इसके कारण वे बाएं पैर से नि:शक्त हो गये. पैर थोड़ा भी काम नहीं करता था. विभिन्न चिकित्सकों से पिता ने सुधीर का इलाज कराया. लेकिन कुछ ही सुधार हो पाया. सुधीर आज भी चलने में दिक्कत महसूस करते हैं, लेकिन तैराकी और नौकायन के नियमित अभ्यास से पहले बीमारी को हराया और फिर देश के कई खिलाड़ियों को.
तैराकी के बाद नौकायन सीखा
सुधीर के गांव राघोपुर से सटते हुए गंगा बहती है. सुधीर ने पहले गंगा में तैराकी शुरू की. मैट्रिक करने से पहले तैराकी में स्टेट व नेशनल लेवल की प्रतियोगिता भी खेले. स्टेट लेवल की तैराकी प्रतियोगिता में बेहतर तो किये, पर नेशनल में अपेक्षित सफलता नहीं मिली. नेशनल लेवल पर ओपेन गंगा रीवर तैराकी प्रतियोगिता पटना में आयोजित हुई थी, इसमें छठां स्थान प्राप्त किया था.
फिर मैट्रिक करने के बाद भागलपुर आ गये. यहां मनोज कुमार के नेतृत्व में भैरवा तालाब में 2014 से नौकायन सीखने लगे. फिर नौकायन में अपनी ऐसी धाक जमायी कि लोग इनकी प्रतिभा का उदाहरण देने लगे. सुधीर ने बताया कि जनवरी में नेशनल चैंपियनशिप उदयपुर में होनेवाला है. उसमें शामिल होने का मन बना चुके हैं.
अपने नाम किये कई मेडल व सर्टिफिकेट
केरल के कोल्लम में राष्ट्रीय नौकायन प्रतियोगिता का आयोजन 2015-16 में हुआ था. उसमें जूनियर में गोल्ड जीता था. इंदौर में 2016-17 में आयोजित प्रतियोगिता में ब्रांज जीता था. 2017-18 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता पटियाला यूनिवर्सिटी द्वारा पोंगडेंप हिमाचल प्रदेश में हुई थी, इसमें ब्रांज जीता था.

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