दो बार से कोतवाली थाना के प्रभारी रहे इंस्पेक्टरों को अबतक नहीं मिला है मालखाने का चार्ज
इशाकचक थाना में वारंट डिस्पोजल में फिसड्डी पदाधिकारियों को एसएसपी ने दी निंदन की सजा
भागलपुर : मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद शनिवार को भागलपुर रेंज डीआइजी और एसएसपी ने शनिवार को एक एक थाने का निरीक्षण किया.
मुख्यालय द्वारा दिये गये निर्देश में जोन, रेंज और जिला के अधिकारियों को प्रत्येक शनिवार अपने क्षेत्र के किसी एक थाने में 24 बिंदुओं पर निरीक्षण का निर्देश दिया गया था. जिसके आधार पर अधिकारियों ने जांच कर अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी. इस दौरान रेंज डीआइजी विकास वैभव ने कोतवाली थाने के निरीक्षण के लिये पहुंचे तो एसएसपी आशीष भारती ने इशाकचक थाने का निरीक्षण किया.
कोतवाली थाना पहुंचे डीआइजी. कोतवाली थाना के निरीक्षण के दौरान कुछ खामियां पायी गयी, जिसके त्वरित निपटारे के लिये डीआइजी ने निर्देश दिया है.
डीआइजी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कई बिंदुओं पर जांच की गयी थी. जिसमें सबसे गंभीर बात यह सामने आयी कि पिछले दो बार से उक्त थाना के प्रभारी रहे इंस्पेक्टरों को अब तक मालखाने का चार्ज ही नहीं दिया गया है. इस संदर्भ में डीआइजी ने किस स्तर पर लापरवाही हुई है, इसका पता लगाने और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने कोतवाली थाना परिसर में बनकर तैयार मादक पदार्थ स्टोर का निरीक्षण किया. उक्त स्टोर का चार्ज लेने और स्टोर पर स्थायी सुरक्षाकर्मियों की प्रतिनियुक्ति का निर्देश दिया.
इशाकचक थाना पहुंचे एसएसपी. औचक निरीक्षण में इशाकचक थाना पहुंचे एसएसपी ने थाना में मौजूद संचिकाओं का अवलोकन किया. साथ ही उन्होंने अपराध नियंत्रण, सांप्रदायिक मामलों की समीक्षा की जोकि संतोषजनक पाया गया. एसएसपी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन पदाधिकारियों द्वारा वारंट डिस्पोजल में शिथिलता बरती गयी है, उन्हें निंदन की सजा दी गयी है.
आगंतुकों के बैठने के लिये कुर्सियों की कमी को दूर करने के लिये भी निर्देश दिया गया है. इसके अलावा त्वरित गति से अपराधियों और अवैध शराब कारोबारियों के विरूद्ध कार्रवाई, मद्य निषेध कानून को लागू किये जाने को लेकर जरूरी दिशा निर्देश भी दिया गया है.
अंचल अधिकारी ने पहुंच सुलझाये जमीन विवाद के मामले. मुख्यालय द्वारा निर्देश दिया गया था कि प्रत्येक शनिवार को अंचल अधिकारी थाना में बैठ इलाके के जमीन विवाद के मामलों का निपटारा करेंगे. शनिवार को भी जगदीशपुर अंचल अधिकारी को कोतवाली थाना बुलाया गया. जहां थाना स्तर पर करीब एक दर्जन से भी अधिक जमीन और संपत्ति विवाद के मामलों के शिकायतकर्ताओं को थाना बुलाया गया था. उक्त मामलों में अंचलाधिकारी स्तर पर सभी मामलों को देखा गया.
आने वाले थे साहब, हुई साफ-सफाई और टेबल लगाकर रजिस्टर के साथ बैठे पदाधिकारी
कोतवाली थाना में होने वाले डीआइजी के निरीक्षण के पूर्व कोतवाली थाना के पदाधिकारियों और कर्मियों को इस बात की जानकारी मिल गयी थी. जिसके बाद फौरन साफ सफाई और व्यवस्था का काम शुरू कर दिया गया.
तुरंत कोतवाली थाना के गेट के पास एक टेबल और एक कुर्सी लगा एक नया रजिस्टर मंगवाया गया. उसपर आगंतुक रजिस्टर लिखकर वहां पर एक पदाधिकारी को थाना आने वाले लोगों का डिटेल भरने का जिम्मा भी सौंप दिया गया. अधिकारी के जाते ही उक्त जगह पर न तो पदाधिकारी मिले और न ही आगंतुक रजिस्टर.
