रात को ड्राइवरी और दिन में देते थे छिनतई की वारदात को अंजाम
सीसीटीवी की मदद से लगा सुराग गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
हावड़ा से दबोचे गये गिरोह के चारों सदस्य
कोलकाता/भागलपुर : कोलकाता और साॅल्टलेक के इलाकों में बरतन सफाई से लेकर गहने चमकाने के नाम पर लूट व छिनतई की वारदातों को अंजाम देनेवाले एक गिरोह के चार सदस्यों को विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने शुक्रवार की रात गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार चारों के नाम मोहम्मद गफ्फार, मोहम्मद बबलू, बिट्टू चौहान और उमेश प्रसाद गुप्ता हैं. इनमें गफ्फार दिल्ली के नंदागिरि का, बबलू और उमेश भागलपुर के नारायणपुर और बिट्टू गोपालपुर के रतनगंज का निवासी है. भागलपुर में बबलू समेत तीनों की दोस्ती हुई. तीनों ने एक गैंग बनाया. फिर कोलकाता आने पर गफ्फार नामक एक और सदस्य जुड़ गया. प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि ये चारों मिल कर कोलकाता और साॅल्टलेक के इलाकों में बरतन और गहने चमकाने के नाम पर छिनतई की वारदातों को अंजाम देते आ रहे थे.
विधाननगर के डीसी (मुख्यालय) अमित पी ज्वालगी ने बताया कि हाल ही में विधाननगर पूर्व थाना इलाके में मई माह में इसी तरह से छिनतई हुई थी. फिर दो अगस्त को विधाननगर दक्षिण थाना क्षेत्र इलाके में एक ही कायदे से छिनतई की घटना हुई. पहले साॅल्टलेक में इस तरह की कई घटनाएं हुई थीं. लेकिन हाल ही में इन घटनाओं के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की. सीसीटीवी की मदद से इस गिरोह का सुराग लगा और चारों पकड़े गये. बबलू की बहन भागलपुर में रहती है. बबलू के वहां जाने पर उसके साथ तीन लोगों की मुलाकात हुई थी.
एक नंबर प्लेट के सहारे दबोचे गये आरोपी. पुलिस का कहना है कि गत दो अगस्त को हुई घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल समेत आस-पास की जगहों से सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये. इसी दौरान एक सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध गाड़ी का पता चला, जिसके नंबर प्लेट के जरिये उसके मालिक का पता चला. मालिक से पूछताछ में बबलू का सुराग लगा. फिर बबलू के जरिये और तीनों को हावड़ा के बेलूड़ से ही दबोचा गया.
और भी मामलों का पता लगा रही है पुलिस. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार चारों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. पुराने और किन-किन मामलों में इनकी संलिप्तता है? पुलिस इन सारे तथ्यों का पता लगा रही है. प्राथमिक पूछताछ में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह गैंग कोलकाता और साॅल्टलेक में पहले भी इसी तरह से कई वारदातों को अंजाम दे चुका है.
तीन साल पहले बबलू ने खरीदी थी कार
प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि कार मालिक ने तीन साल पहले ही कार बबलू को बेच दी थी. बबलू इस कार को चलाया करता था. कार का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम देकर सभी फरार हो जाया करते थे. बबलू समेत चारों फिलहाल बेलूड़ इलाके में ही रहते थे. रात में बबलू ड्राइवरी करता था और दिन में छिनतई की वारदात को अंजाम दिया करते थे.
