कांवरिया सर्किट के लिए भागलपुर, बांका और मुंगेर में 52 करोड़ की योजना मंजूर

भागलपुर : पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि श्रावणी मेले को खास बनाने के लिए इस बार कार्यक्रम में मुुंबई के नामचीन कलाकार को आमंत्रित करेंगे. इन कलाकारों का चयन प्रमंडल स्तर पर होगा. यहां से सूची मिलने पर विभाग उन कलाकारों को बुलाने व आयोजन की व्यवस्था करेगा. मेला में किसी भी चीजों […]

भागलपुर : पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि श्रावणी मेले को खास बनाने के लिए इस बार कार्यक्रम में मुुंबई के नामचीन कलाकार को आमंत्रित करेंगे. इन कलाकारों का चयन प्रमंडल स्तर पर होगा. यहां से सूची मिलने पर विभाग उन कलाकारों को बुलाने व आयोजन की व्यवस्था करेगा.
मेला में किसी भी चीजों की कमी नहीं होगी. कांवरिया सर्किट के तहत भागलपुर, बांका व मुंगेर में करीब 52 करोड़ रुपये की स्कीम को मंजूरी दी गयी. वे प्रमंडलीय सभागार में सोमवार को श्रावणी मेला की समीक्षा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने बताया कि कांवरिया सर्किट में चयनित काम में कुछ पर काम चल रहा है और बाकी में वर्क ऑर्डर व टेंडर की प्रक्रिया चल रही है.
पत्रकार वार्ता में राजस्व व भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल ने कहा कि राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद आयोजन में और निखार आयेगा. दिल्ली व प्रदेश सरकार की तरफ से मेला आयोजन की मॉनीटरिंग होगी. कांवरियों की सुविधा में बजट की कमी नहीं होगी. स्वास्थ्य, सुरक्षा, पेयजल जैसे मामलों में आवश्यक निर्देश दिये गये हैं.
बदला हुआ नजर आयेगा मेला: राजस्व मंत्री ने कहा कि इस बार का मेला पिछले की तुलना में बदला हुआ नजर आयेगा. वे खुद श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालु से पूछेंगे कि उन्हें क्या बदलाव नजर आया. प्रशासनिक पदाधिकारी भी श्रद्धालु से समय-समय पर फीडबैक लेते रहेंगे.
मिट्टी वाला बालू मिला, तो होगी कार्रवाई: राजस्व मंत्री ने कहा कि कांवरिया पथ पर बालू की जगह मिट्टी डालने की शिकायत पर कमिश्नर खुद जांच कर रहे हैं. किसी भी तरह की गड़बड़ी मिली, तो कार्रवाई होगी. उन्हें दंडित होने से कोई बचा नहीं सकता है.
श्रावणी मेला खत्म होने के 20 दिनों के बाद तक बनी रहेगी व्यवस्था
प्रमंडलीय सभागार में राजस्व व भूमि सुधार मंत्री रामनारायण मंडल व पर्यटन मंत्री प्रमाेद कुमार के साथ राजस्व के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने सोमवार को श्रावणी मेला की तैयारी की समीक्षा की. इस दौरान राजस्व व पर्यटन मंत्री ने पदाधिकारियों से राजकीय मेला दर्जा मिलने पर किसी भी तरह की व्यवस्था में कमी नहीं होने की बात कही. पदाधिकारियों से मेला की तैयारी को लेकर बजट में कोई कमी नहीं होने की बात कही.
राजस्व के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि श्रावणी मेला खत्म होने के 20 दिनों बाद तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है. इस बार श्रावण के बाद भाद्र में भी श्रद्धालुओं को मेला जैसी सुविधा देंगे. कर्मियों की प्रतिनियुक्ति तब तक रूट पर बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि भागलपुर, बांका व मुंगेर से होकर 105 किमी रूट पर होनेवाली तैयारी 20 जुलाई तक हर हाल में पूरी हो जायेगी. अगले चार दिनों तक स्थानीय पदाधिकारी मॉनीटरिंग करेंगे.
जहां पर श्रद्धालु रुकेंगे, वहां पर बिजली 24 घंटे रहेगी. उक्त रूट पर 700 के करीब चापाकल हैं, जिसको ठीक करने के लिए गैंग भी बना दिया गया है. रूट पर 100 से अधिक मेडिकल कैंप होंगे, जहां तीन पालियों में चिकित्सक व 51 प्रकार की दवा होगी. खुले में सामान बेचने वालों पर कार्रवाई होगी. सुरक्षा को लेकर रूट पर 30 से 40 अस्थायी थाना बनाया गया है. मोबाइल एप की लांचिंग जल्द होगी. खाना का दर व स्थानीय पदाधिकारियों की जानकारी देने के लिए होर्डिंग लगाये जायेंगे.

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