भागलपुर . बदलते मौसम में पसीना के रूप में शरीर से पानी व लवण का क्षरण होता है. आप खुद को कमजोर महसूस करेंगे, पेट से जुड़ा रोग भी हो सकता है. अगर आप लापरवाह बने रहेंगे, तो बीमार हो जायेंगे. पेट में पथरी हो जायेगा. इस तरह के 20 से ज्यादा रोगी रोजाना मायागंज अस्पताल में इलाज कराने आ रहे हैं.
डॉ डीपी सिंह कहते हैं कि इस बदलते मौसम का प्रभाव शरीर पर पड़ता है. गर्मी में शरीर क्रैंप हो जाता है. शरीर के लवण का क्षरण होने लगता है. कमजोरी महसूस होती है. भोजन पचता नहीं है. लोग पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, जिससे लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं. ऑक्सीजिलेट, फॉस्फेट, यूरेट, यूरिक एसिड और अमीनो एसिड के छोटे-छोटे कण किडनी में प्रवेश कर जाते है. जो आगे चल कर पथरी के रूप में सामने आता है.
मायागंज अस्पताल में इस तरह के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गयी है. जांच के बाद इनके पेट में पथरी की समस्या सामने आती है. दो माह पूर्व ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत था, जो इस माह बढ़ कर 40 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गया है. चिकित्सक का कहना है गर्मी से पथरी रोग से ग्रसित रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है. डिहाइड्रेशन से शरीर से 80 प्रतिशत पानी बाहर हो जाता है. जो आगे चल कर पथरी रोग से लोगों को ग्रसित कर देता है.
